PM मोदी से 12 साल बाद 20 मिनट मिले तमिलनाडु CM विजय, दोनों नेताओं में क्या बात? आगे क्या प्लान
जोसेफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे हैं। राज्य में पहली बार गठबंधन सरकार का दौर शुरू होने के दो हफ़्ते बाद हुई इस यात्रा को राजनीतिक रूप से काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आज (बुधवार, 27 मई को) शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात प्रधानमंत्री कार्यालय यानी सेवा तीर्थ में हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुलाकात की पुष्टि करते हुए दोनों नेताओं की तस्वीरें साझा की हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने औपचारिक बातचीत के बाद तमिलनाडु के विकास पर चर्चा की है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सीएम विजय की पीएम मोदी से यह मुलाकात 12 साल बाद हुई है और सीएम बनने के बाद पहली बार हुई है। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सीएम विजय ने हाल ही में हॉलैंड से प्राचीन तांबे की पट्टियों को वापस लाने के लिए PM मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में एक बांध परियोजना की घोषणा के संवेदनशील मुद्दे पर भी पीएम से बात की। इस बांध की वजह से उनके राज्य में निचले इलाकों में पानी की उपलब्धता प्रभावित होगी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि मुख्यमंत्री विजय प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शाम 6:45 बजे के करीब 'अटल आवास ऊर्जा भवन' में मिलेंगे। उनके बाद वह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उनके दफ्तर में मुलाकात करेंगे। सीएमओ की तरफ से कहा गया है कि बुधवार की रात सीएम विजय दिल्ली स्थित 'तमिलनाडु हाउस' में रुकेंगे।
विजय का दिल्ली दौरा काफी अहम
तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK ) के संस्थापक-अध्यक्ष और अभिनेता से नेता बने विजय सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे हैं। राज्य में पहली बार गठबंधन सरकार का दौर शुरू होने के दो हफ़्ते बाद हुई इस यात्रा को राजनीतिक रूप से काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विजय अपनी इस यात्रा के दौरान PM मोदी सहित विभिन्न नेताओं से मिलेंगे और राज्य की ज़रूरतों के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में वह विभिन्न परियोजनाओं के लिए धन आवंटन और स्कूल शिक्षा विभाग के लिए सर्व शिक्षा अभियान (SSA) सहित विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाले बकाया धन को जारी करने की मांग करेंगे, क्योंकि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद चार जून से विद्यालय फिर से खुलने वाले हैं।
10 मई को ली थी सीएम पद की शपथ
विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके तीन दिन बाद, उन्होंने राज्य विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया। उन्होंने विपक्षी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगी दलों से समर्थन जुटाकर और अन्ना द्रमुक के बागी गुट के 25 विधायकों का समर्थन हासिल करके आवश्यक संख्या बल पूरा किया और अपना बहुमत साबित किया। विजय की इस जीत ने राज्य में एक बड़े और महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव की शुरुआत की। इसने लोगों की लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव की इच्छा को पूरा किया और पिछले छह दशकों से चली आ रही द्रविड़ राजनीति की दो-ध्रुवीय वर्चस्व को समाप्त कर दिया।
आगे क्या प्लान? किन-किन से मुलाकात
पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद विजय प्रोटोकॉल के अनुसार, राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। एक शिष्टाचार भेंट के तौर पर वह गठबंधन दलों के नेताओं से भी मिलेंगे, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्टा पार्टी (माकपा) के नेता शामिल हैं। इन दलों की राज्य इकाइयाँ तमिलनाडु में सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)




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