बड़े दुख की बात है, इतने पर भी कोई सबक नहीं; NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने कह दी बड़ी बात
NEET यूजी पेपर लीक मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इतने के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।

नीट यूजी पेपर लीक का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इतने के बाद भी कोई सबक नहीं सीखा गया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की स्पेशल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने से लेकर निष्पक्ष सीबीआई जांच तक की मांग की गई है।
केंद्र और सीबीआई से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सा परीक्षा आयोजित करने के लिए एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) की जगह एक अधिक मजबूत और स्वायत्त निकाय स्थापित करने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार, एनटीए और सीबीआई से जवाब मांगा है।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा-यूजी (नीट-यूजी) पेपर लीक प्रकरण को केवल सरकार-प्रशासन की विफलता नहीं, बल्कि यह युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा एक जघन्य अपराध करार देते हुए कहा है कि इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अविलंब अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय माता-पिता अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की आस में लाखों रुपये का कर्ज लेकर उन्हें पढ़ाते हैं लेकिन इस भ्रष्ट व्यवस्था ने उनका विश्वास पूरी तरह से तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब इस अन्याय के खिलाफ पीड़ित परिवारों और युवाओं ने न्याय की गुहार लगाई, तो पुलिस और प्रशासन ने उनके साथ संवेदनहीनता दिखाते हुए दुर्व्यवहार किया। इस व्यवस्था की नाकामी के कारण जो जान गई है, उसकी पूरी जिम्मेदारी इस तंत्र और सरकार की है।
नीट अभ्यर्थी ने की खुदकुशी
महाराष्ट्र में लातूर जिले के एक किसान ने दावा किया है कि चिकित्सक बनने की इच्छुक उसकी 18 वर्षीय बेटी ने कथित रूप से प्रश्नपत्र लीक होने के कारण राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी)-2026 को रद्द किए जाने के बाद मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने बताया कि उसने मामला दर्ज कर किसान के दावे की जांच शुरू कर दी है। उसने बताया कि गोंडेगांव गांव की रहने वाली मैथिली अशोक सोनवणे ने 16 मई की सुबह अपने खेत में एक पेड़ से कथित तौर पर फांसी लगा ली। अधिकारियों ने बताया कि उसके शव का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।




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