Supreme Court on Bengal SIR voters whose appeals successful in tribunals eligible to vote in elections बंगाल के वोटरों और SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे लोगों को मिलेगा वोट का अधिकार, India News in Hindi - Hindustan
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बंगाल के वोटरों और SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे लोगों को मिलेगा वोट का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के SIR से जुड़े मामले में आदेश दिया है कि ट्रिब्यूनल द्वारा नाम क्लियर किए गए मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाए। ट्रिब्यूनल द्वारा 21 अप्रैल तक नाम क्लियर किए जाने वाले मतदाता पहले चरण के मतदान में भाग ले सकेंगे, 27 अप्रैल तक क्लियर होने वालों को दूसरे चरण में…

Thu, 16 April 2026 05:18 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बंगाल के वोटरों और SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे लोगों को मिलेगा वोट का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामले में आदेश दिया है कि SIR ट्रिब्यूनल द्वारा नाम क्लियर किए गए मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाए। ट्रिब्यूनल द्वारा 21 अप्रैल तक नाम क्लियर किए जाने वाले मतदाता पहले चरण के मतदान में भाग ले सकेंगे, जबकि 27 अप्रैल तक क्लियर होने वालों को दूसरे चरण में वोट डालने का अधिकार होगा। यह फैसला उन मतदाताओं के हित में लिया गया है जिनके नाम SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे और जिनकी अपील पर ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि ट्रिब्यूनल में अपील लंबित रहने वालों को आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालने दिया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया था कि अपील अभी तय नहीं हुई है, ऐसे में अंतरिम राहत देकर उन्हें वोटिंग अधिकार देना संभव नहीं है। इससे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता प्रभावित हो सकती है।

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कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर ट्रिब्यूनल अपील मंजूर कर लेता है, भले ही कट-ऑफ डेट के बाद, तो ऐसे व्यक्तियों को वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन लंबित अपीलों वाले लोगों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे, जिसके खिलाफ अब तक 34 लाख से ज्यादा अपीलें दाखिल हो चुकी हैं। इनमें से कई अपीलें अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल पर बोझ बढ़ाने वाली कोई भी व्यवस्था नहीं बनाई जा सकती। पीठ ने जोर दिया कि वोट का अधिकार लोकतंत्र का आधार है, लेकिन इसे अपील की लंबित स्थिति में अनुमति देकर चुनाव को प्रभावित नहीं किया जा सकता। बता दें कि सत्ताधारी TMC समेत विपक्षी दलों ने लंबित अपीलों वाले लोगों को वोट देने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने प्रभावित व्यक्तियों को अपीलेट ट्रिब्यूनल का रुख करने की सलाह दी।