Supreme Court Big Observation Says If both Parents are IAS Officers Why is Reservation Needed माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं तो आरक्षण क्यों चाहिए? सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, India News in Hindi - Hindustan
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माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं तो आरक्षण क्यों चाहिए? सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि छात्रों के माता-पिता अच्छी नौकरियों में हैं, अच्छी आय मिल रही है, लेकिन फिर भी बच्चे आरक्षण चाहते हैं। देखिए, उन्हें आरक्षण से बाहर निकलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कुछ संतुलन तो होना ही चाहिए।

Fri, 22 May 2026 04:41 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं तो आरक्षण क्यों चाहिए? सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

Supreme Court on Reservation: आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने ऐसे परिवारों पर सवाल खड़े किए, जिन्होंने आरक्षण की मदद से पहले ही आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की हासिल कर ली है और अब भी आरक्षण का फायदा ले रहे हैं। पिछड़े वर्गों के क्रीमी लेयर के लिए आरक्षण से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन बच्चों के लिए आरक्षण की जरूरत पर सवाल खड़े किए, जिनके माता-पिता दोनों ही IAS अधिकारी हैं।

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा, ''अगर माता-पिता दोनों ही IAS अधिकारी हैं तो आरक्षण क्यों चाहिए?'' कोर्ट ने साफ कहा कि शैक्षिक और आर्थिक प्रगति से सामाजिक गतिशीलता आती है। बेंच ने कहा, ''शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक गतिशीलता भी आती है। ऐसे में अगर बच्चों के लिए फिर से आरक्षण मांगा जाए, तो हम इस चक्र से कभी बाहर नहीं निकल पाएंगे। यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें भी विचार करना होगा।''

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'सामाजिक गतिशीलता मौजूद'

कोर्ट ने यह भी कहा कि कई सरकारी आदेशों में पहले से ही ऐसे उन्नत वर्गों को आरक्षण का फायदा लेने से रोकने के प्रावधान हैं, लेकिन अब इन्हें चैलेंज किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा, ''सामाजिक गतिशीलता मौजूद है। अब सरकारी आदेश हैं जो इन सभी लोगों को बाहर रखते हैं, और वे इस बहिष्कार पर सवाल उठा रहे हैं। इस बात को भी ध्यान में रखना होगा।''

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'...फिर भी बच्चे आरक्षण चाहते हैं'

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "छात्रों के माता-पिता अच्छी नौकरियों में हैं, अच्छी आय मिल रही है, लेकिन फिर भी बच्चे आरक्षण चाहते हैं। देखिए, उन्हें आरक्षण से बाहर निकलना चाहिए।'' कोर्ट ने कहा कि कुछ संतुलन तो होना ही चाहिए। सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े, हां, लेकिन एक बार जब माता-पिता आरक्षण का लाभ उठाकर एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाते हैं।''

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