अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी हुई तो...; 42 दिन तक अनशन का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दीपके शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे हैं। दीपके की गिरफ्तारी की आशंका के बीच सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि ऐसा होता है तो वह 42 दिन तक अनशन पर चले जाएंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से शनिवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन के समर्थन में कई बड़ी हस्तियां सामने आ चुकी हैं। देश के प्रसिद्ध एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है। प्रदर्शन से कुछ घंटे पहले उन्होंने दीपके की गिरफ्तारी की आशंका जाहिर करते हुए कहा कि यदि ऐसा होता है तो वह अनशन करेंगे और यह छह सप्ताह तक चलेगा। इससे पहले वह लद्दाख की कई मांगों को लेकर लंबे समय तक अनशन कर चुके हैं। हालांकि, बाद में उनका आंदोलन हिंसक हो जाने की वजह से सोनम को जेल भी जाना पड़ा।
सोनम वांगचुक ने दीपके के भारत आने से कुछ घंटे पहले एक वीडियो जारी करते हुए कॉकरोच पार्टी से अपने जुड़ाव की चर्चा करते हुए कहा कि वह जंतर-मंतर पर जाएंगे। उन्होंने कहा, '6 जून को आप लोगों से मिलने मैं लद्दाख से दिल्ली आ रहा हूं, मैं मिलूंगा जंतर-मंतर पर। मैं खुद हैरान हूं कि चंद दिनों में ही कॉकरोच जनता पार्टी से मेरा रिश्ता इतना गहरा हो गया। लेकिन इसका श्रेय मुझे नहीं, लद्दाख के एलजी वीके सक्सेना को जाता है। क्योंकि दिल्ली में मैंने यूं ही कह दिया था कि सीजेपी युवा पीढ़ी की रचनात्मक अभिव्यक्ति है, सरकार को उनका मैसेज लेना चाहिए, ना कि मैसेंजर को मार दिया जाए। चंद दिन बाद एलजी साहब ने मुझे चाय पर बुलाया और पिर ऐसी-ऐसी खबरें (कॉकरोच पार्टी के समर्थन पर चेतावनी) छापी। तीसरे दिन मुझे जवाब देना पड़ा। इसकी वजह से मेरा संपर्क बना सीजेपी से और दीपके जी से।'
सीजेपी के नेताओं को देशभक्त और ईमानदार बताते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि अभिजीत दीपके को किसी वजह से गिरफ्तार किया जाता है तो वह 42 दिनों तक अनशन करेंगे। उन्होंने कहा, 'इन लोगों से मिलकर मुझे लगा कि ये लोग कितने सीधे-सादे, साफ दिल, ईमानदार देशप्रेमी हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसकी राजधानी में सभी को अभिव्यक्ति की पूरी आजादी होगी। मगर अगर किसी वजह से उन्हें किसी वजह से गिरफ्तार किया जाता है तो मैं मजबूरन अनशन पर जाऊंगा, और इस बार यह छह सप्ताह की होगी, यानी 42 दिन का अनशन। मैं तो तैयार हूं यह सब करने के लिए आप क्या करेंगे, बताइए।'
अपने साथ लाठी-पत्थर नहीं, फूल लाएं: सोनम वांगचुक
वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्हें अपने साथ पानी, फोन और फूल लेकर ही आने को कहा। साथ ही ऐसे लोगों पर नजर रखने को कहा जो गड़बड़ी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'मेरी विनती है कि इस आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखें। अपने साथ लाइएगा सिर्फ पानी की बोतल, मोबाइल फोन और कुछ फूल। इसके सिवा कुछ ना लाइएगा। ना कोई लाठी ना पत्थर। कोई लाए तो तुरंत फोटो लीजिएगा और निकटतम पुलिसकर्मियों को बताइएगा, उनके हवाले करिएगा। क्योंकि ऐसे शरारती तत्व ही भारत की युवा पीढ़ी की ऐतिहासिक जद्दोजहद को बदनाम कर सकते हैं। याद रखिएगा हम सब मिलकर इस आंदोलन को शांतिपूर्ण रखेंगे और भारत को बनाएंगे एक मिसाल, लोकतंत्र की जननी होने का।'




साइन इन