Signs of a Major Split in Mamata Banerjee ki party TMC 18 Lok Sabha Sansad May Join the BJP ममता बनर्जी की TMC में बहुत बड़ी टूट के आसार, भाजपा में जा सकते हैं 18 लोकसभा सांसद, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी की TMC में बहुत बड़ी टूट के आसार, भाजपा में जा सकते हैं 18 लोकसभा सांसद

चुनाव में हार के बाद 20 मई को पहली बार टीएमसी ने प्रदर्शन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में टीएमसी विधायक शामिल नहीं हुए थे। यह घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक विचार-विमर्श के एक दिन बाद सामने आया था। वहीं, पार्षदों के इस्तीफों का दौर भी जारी है।

Tue, 26 May 2026 01:44 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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ममता बनर्जी की TMC में बहुत बड़ी टूट के आसार, भाजपा में जा सकते हैं 18 लोकसभा सांसद

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट के आसार हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। अटकलें हैं कि एक दर्जन से ज्यादा टीएमसी सांसद जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। खास बात है कि हाल ही में कई टीएमसी पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। वहीं, कई विधायक टीएमसी की गतिविधियों से भी दूरी बनाते नजर आ रहे हैं।

कितने सांसद छोड़ सकते हैं साथ

संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि 12 टीएमसी सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या समर्थन देने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा दल बदलने की तैयारी कर रहे सांसदों की लिस्ट में 5 से 6 नाम और हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये सांसद कौन होंगे और कब तक दल बदल की योजना बना रहे हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, 12 से ज्यादा सांसदों से चर्चा चल रही है और आंकड़ा 20 तक पहुंच सकता है। अगर लोकसभा में तृणमूल के 29 में से दो तिहाई सांसद अलग हो जाते हैं, तो दल बदल कानून लागू नहीं होगा।

कब होगा दल बदल!

रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल सांसदों की संख्या को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। दरअसल, चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि दल बदल कानून से बचने के लिए कितने सांसदों की जरूतर होगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसे लेकर मॉनसून सत्र तक स्थिति साफ हो सकती है। कहा यह भी जा रहा है कि दल बदल के कथित प्रयासों में लगे कई सांसद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं।

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विधायक बना रहे हैं दूरी

चुनाव में हार के बाद 20 मई को पहली बार टीएमसी ने प्रदर्शन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में टीएमसी विधायक शामिल नहीं हुए थे। यह घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक विचार-विमर्श के एक दिन बाद सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर जनता से जुड़ने के लिए सड़क पर उतरने की राजनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी।

हालांकि, 80 विधायकों में से केवल 35 ही कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे राजनीतिक गलियारों में संगठन के भीतर संभावित मतभेदों को लेकर अटकलें तेज हो गईं। यह ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी चुनावी हार के बाद खुद को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष के नेता पद के लिए पार्टी की पसंद माने जा रहे शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने आंतरिक कलह की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि कई विधायक संगठनात्मक जिम्मेदारियों और अन्य व्यावहारिक कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

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एजेंसी वार्ता के अनुसार, फलता में भाजपा की जीत के बाद डायमंड हार्बर नगर पालिका में टीएमसी के आठ पार्षदों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। डायमंड हार्बर नगर पालिका में टीएमसी के 16 पार्षद थे। इस शहरी स्थानीय निकाय में दूसरी किसी पार्टी का एक भी पार्षद नहीं था। आठ पार्षदों ने सोमवार को अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे सौंपे हैं।