Siddaramaiah loses cool as youth Congress leaders chant DK DK slogans amid Protest Rally in Bengaluru over MGNAREGA ये ‘DK-DK’ कौन चिल्ला रहा? BJP को कोसने आए थे सिद्धारमैया, खुद खो बैठे आपा; कर्नाटक में फिर कलह, India News in Hindi - Hindustan
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ये ‘DK-DK’ कौन चिल्ला रहा? BJP को कोसने आए थे सिद्धारमैया, खुद खो बैठे आपा; कर्नाटक में फिर कलह

दरअसल, यह रैली केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) लाने के प्रस्ताव के विरोध में आयोजित की गई थी।

Tue, 27 Jan 2026 07:51 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
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ये ‘DK-DK’ कौन चिल्ला रहा? BJP को कोसने आए थे सिद्धारमैया, खुद खो बैठे आपा; कर्नाटक में फिर कलह

कर्नाटक की सियासत में चल रही अंदरूनी खींचतान मंगलवार (27 जनवरी) को उस वक्त तब खुलकर सामने आ गई, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बेंगलुरु में आयोजित एक विरोध रैली के दौरान अपना आपा खो बैठे। उनके भाषण से ठीक पहले यूथ कांग्रेस के कुछ नेता उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। इससे मंच पर असहज स्थिति पैदा हो गई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भाषण देने के लिए जैसे ही अपनी कुर्सी से उठे और पोडियम की ओर बढ़े, पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने "डीके, डीके" के नारे लगाने शुरू कर दिए, और ये नारे हर सेकंड और तेज़ होते गए। नारे तेज होते देख मुख्यमंत्री साफ तौर पर चिढ़ते नजर आए।

नाराज सिद्धारमैया ने पहले लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब नारेबाजी नहीं रुकी तो वो भड़क उठे। उन्होंने गुस्से में पूछ लिया, “ये कौन है जो ‘DK, DK’ चिल्ला रहा है?” इसके बाद हालात बिगड़ते देख कार्यक्रम के मंच संचालक को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यूथ कांग्रेस नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, “यूथ कांग्रेस के नेता चुप रहें। मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे हैं। हम जानते हैं आप कौन हैं। शांति से मुख्यमंत्री की बात सुनिए।” इसके बावजूद सिद्धारमैया के भाषण के दौरान भी व्यवधान जारी रहा, जिससे मुख्यमंत्री की नाराज़गी और बढ़ गई और कुछ देर के लिए रैली का असल मुद्दा पीछे छूट गया।

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MGNREGA को लेकर विरोध प्रदर्शन

दरअसल, यह रैली केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) लाने के प्रस्ताव के विरोध में आयोजित की गई थी। इस प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, राज्य सरकार के मंत्री, कांग्रेस के सांसद और विधायक भी मौजूद थे।

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नेतृत्व संघर्ष की परछाईं

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंच पर हुई यह नारेबाजी कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष का प्रतीक है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय से नेतृत्व को लेकर खींचतान की चर्चाएं हैं, जो अब सार्वजनिक मंचों पर भी झलकने लगी हैं। बताया जा रहा है कि कई कांग्रेस विधायक और विधान परिषद सदस्य (MLC) खुले तौर पर डीके शिवकुमार के समर्थन में लॉबिंग कर रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर असहजता का माहौल बना हुआ है।

हाईकमान का फैसला अंतिम

हालांकि, दोनों नेताओं, सिद्धारमैया और शिवकुमार ने बार-बार यह दोहराया है कि वे कांग्रेस हाईकमान के हर फैसले को स्वीकार करेंगे। सिद्धारमैया लगातार यह भरोसा जताते रहे हैं कि उन्हें पार्टी नेतृत्व का पूरा समर्थन हासिल है और वे मुख्यमंत्री के रूप में अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, ताकि नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगाया जा सके। बहरहाल, मंगलवार की रैली में भले ही मुद्दा ग्रामीण रोज़गार और केंद्र की नीतियों का विरोध था, लेकिन ‘DK बनाम सिद्धारमैया’ की छाया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कर्नाटक कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि भीतर की खींचतान है।