Shatrughan Sinha refuses to Rebel Says will Not Abandon Mamata Banerjee in this hour of her Bad Time दुख की घड़ी में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ूंगा, शत्रुघ्न सिन्हा का बगावत करने से इनकार, India News in Hindi - Hindustan
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दुख की घड़ी में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ूंगा, शत्रुघ्न सिन्हा का बगावत करने से इनकार

टीएमसी में टूट के बीच शत्रुघ्न सिन्हा ने बगावत करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि मुसीबत के समय ममता बनर्जी ने उनका साथ दिया था, इसलिए वह दुख की घड़ी में ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे।

Thu, 11 June 2026 03:18 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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दुख की घड़ी में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ूंगा, शत्रुघ्न सिन्हा का बगावत करने से इनकार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद बड़ी टूट हुई है। करीब 20 सांसदों ने बगावत कर दी है। इस बीच, शत्रुघ्न सिन्हा ने बागी बनने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वह ममता बनर्जी के साथ ही रहेंगे। सिन्हा ने कहा कि ममता ने मुसीबत के समय मेरा साथ दिया। दुख की घड़ी में उनका साथ मैं नहीं छोड़ूंगा।

बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद पार्टी के ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने बगावत कर दी है। विधानसभा में 64 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में नया गुट बना लिया है और खुद ऋतब्रत नेता विपक्ष बन गए हैं। वहीं, लोकसभा और राज्यसभा में भी बड़ी टूट देखने को मिली। कभी ममता बनर्जी की करीबी रहीं काकोली घोष के नेतृत्व में कई सांसद उनके साथ जुड़े। इसमें भाजपा की कट्टर आलोचक रहीं सायोनी घोष, यूसुफ पठान समेत तकरीबन 19 नाम शामिल हैं। इस लिस्ट में बीते दिन शत्रुघ्न सिन्हा का भी नाम था, लेकिन गुरुवार को उन्होंने बागी बनने से मना कर दिया।

आसनसोल से टीएमसी सांसद सिन्हा ने पीटीआई से कहा, ''मुश्किल समय में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी मेरे साथ खड़ी रहीं। मुश्किल समय में मैं ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ूंगा। ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ खड़ा रहना मेरा कर्तव्य है।'' सिन्हा ने कहा कि 2019 के संसदीय चुनाव में पटना साहिब लोकसभा सीट हारने के बाद ममता बनर्जी ही इकलौती ऐसी व्यक्ति थीं जो उनके साथ खड़ी रहीं। टीएमसी नेता ने कहा कि ऐसे दावे किए गए हैं कि उन्होंने बागी सांसदों की सूची पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन ये सभी दावे झूठे हैं। सिन्हा ने कहा, "जब मैं 2019 के आसपास मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तो ममता बनर्जी ही एकमात्र ऐसी नेता थीं जिन्होंने मेरा साथ दिया। उन्होंने मुझे आसनसोल से उम्मीदवार बनाया और लोकसभा के लिए चुने जाने में मेरी मदद की।''

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इससे पहले, टीएमसी के राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को उच्च सदन की सदस्यता के साथ-साथ पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा भाजपा को दिए गए जनादेश को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के बाद, इस हफ्ते पार्टी छोड़ने वाले बराइक तीसरे टीएमसी सांसद हैं। बराइक ने राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा।

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बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता निशिकांत दुबे के आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में बराइक ने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया है। तृणमूल कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला। पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं।" अपने इस्तीफे में पश्चिम बंगाल से सांसद बराइक ने लिखा, "मैं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। कृपया मेरा इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने की कृपा करें।"

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