Shashi Tharoor in All praise of Modi Shah Duo says other parties can learn Bengal Assam Win इस जोड़ी से सीखने की जरूरत, शशि थरूर ने मोदी-शाह की तारीफ में जमकर गढ़े कसीदे, India News in Hindi - Hindustan
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इस जोड़ी से सीखने की जरूरत, शशि थरूर ने मोदी-शाह की तारीफ में जमकर गढ़े कसीदे

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी और अमित शाह की जमकर तारीफ की है। साथ ही यह भी कह गए कि देश के अन्य दल इन दोनों से बहुत कुछ सीख सकते हैं।

Tue, 5 May 2026 05:16 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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इस जोड़ी से सीखने की जरूरत, शशि थरूर ने मोदी-शाह की तारीफ में जमकर गढ़े कसीदे

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी और अमित शाह की जमकर तारीफ की है। थरूर ने मंगलवार को कहाकि भारतीय जनता पार्टी काफी संगठित। चुनावी अभियान के दौरान वह लगातार बेहतर कोशिश करते रहते हैं। साथ ही पैसों के इंतजाम का भी ख्याल रखते हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस सांसद यहां तक कह गए कि देश के राजनीतिक दल, भाजपा से कई सबक सीख सकते हैं। गौरतलब है कि भाजपा ने बंगाल में इतिहास रचते हुए 200 से ज्यादा सीटें जीती हैं। वहीं, असम में पार्टी ने हैट्रिक बनाई है।

कहा-इस जोड़ी की विशेषज्ञता
शशि थरूर ने मोदी-शाह की जोड़ी की प्रशंसा की। उन्होंने कहाकि मोदी और शाह प्रोफेशनल ढंग से संगठित हैं और चुनाव करवाने में माहिर हैं। इन दोनों ने बंगाल और असम में काफी अच्छा काम किया है। थरूर ने कहाकि ऐसा इन दोनों की विशेषज्ञता के चलते ही संभव हो पाया। उन्होंने कहाकि दोनों की सांगठनिक क्षमता काफी अच्छी है। कांग्रेस सांसद यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहाकि मोदी और शाह के पास काफी रिसोर्सेज हैं। चुनाव अभियान के दौरान यह आर्थिक स्रोतों का भी अच्छे से इस्तेमाल करते हैं। थरूर के मुताबिक अन्य सभी दल मोदी और शाह के चुनावी अभियान से काफी कुछ सीख सकते हैं।

केरल पर भी रखी अपनी बात
शशि थरूर ने केरल में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहाकि इस पुरातन पार्टी को अब आत्मनिरीक्षण की जरूरत है। अगर हम केरल में ऐसा कर सकते हैं तो फिर दूसरी जगहों पर ऐसा क्यों नहीं हो सकता है? थरूर ने कहाकि यह एक बड़ा सबक है, जो कांग्रेस पार्टी को सीखना होगा। गौरतलब है कि पांच वर्ष पहले की करारी हार से उबरते हुए कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सोमवार को केरल में नाटकीय और ऐतिहासिक वापसी की। नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में भारी जनादेश हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपना वर्चस्व फिर स्थापित किया।

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केरल में कांग्रेस का ऐसा प्रदर्शन
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों के साथ दो तिहाई बहुमत हासिल कर दस साल बात सत्ता में जबरदस्त वापसी की है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीन सीटें जीत कर पहली बार खाता खोलने में सफल रही है। कांग्रेस को 63 और उसके सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 22 , मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को 26, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 08 और केईसी को 7 सीटें मिली हैं। पिछली चुनाव में एलडीएफ को 94 और यूडीएफ को 42 सीट मिली थीं।