'काबा-मदीना' वाली सायोनी घोष का सिर कलम करने पर एक करोड़ का इनाम, बोलीं- यह सुनकर मैं...
सायोनी घोष ने कहा कि यह पूरी दुनिया और देश के लिए देखने की बात है कि अगर एक महिला राजनेता, जो कि मौजूदा सांसद हैं, इतनी असुरक्षित हैं कि इस देश में अब यह एक आम बात बन गई है।

उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता प्रदीप दीक्षित ने टीएमसी सांसद सायोनी घोष पर विवादित टिप्पणी की, जिसपर बवाल मच गया। प्रदीप ने कहा कि सायोनी घोष का सिर कलम करने वाले को एक करोड़ का इनाम मिलेगा। अब सायोनी घोष ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक बड़ा झटका था और मैं यह सुनकर हैरान रह गई कि सिकंदराबाद में भाजपा के नगर पालिका चेयरमैन ने किसी भी ऐसे व्यक्ति को एक करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की है, जो मेरा सिर कलम करेगा। मालूम हो कि सायोनी अपने चुनाव प्रचार के तरीके को लेकर काफी चर्चा में रही थीं। उन्होंने प्रचार के दौरान दिल में काबा और आंखों में मदीना गाया था।
टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ''मैंने अभी-अभी एक ट्वीट किया है और उसमें पीएम, गृह मंत्री, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और डीजी पुलिस को टैग किया है... यह पूरी दुनिया और देश के लिए देखने की बात है कि अगर एक महिला राजनेता, जो कि मौजूदा सांसद हैं, इतनी असुरक्षित हैं कि इस देश में अब यह एक आम बात बन गई है... देश को यह देखना चाहिए कि अगर एक मौजूदा सांसद और महिला राजनेता के साथ ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, तो हर कोई यह समझ सकता है कि आम महिलाएं रोजाना किस तरह के खौफ में जीती हैं।"
इससे पहले, घोष ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि जहां एक तरफ भाजपा नेतृत्व, जिसमें पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हैं, ने महिलाओं की सुरक्षा और प्रतिनिधित्व को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया था, वहीं अब एक चुनी हुई महिला प्रतिनिधि को अपनी ही पार्टी के सदस्य से जान से मारने की खुली धमकी मिल रही है। क्या बंगाल पुलिस इस पर तुरंत कार्रवाई करेंगे और मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे?
उन्होंने आगे कहा कि यूपी पुलिस से मैं उस भाजपा सदस्य के खिलाफ तुरंत कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की मांग करती हूं, जो दिन-दहाड़े मेरी हत्या के लिए उकसा रहा है। मैं अपने उन सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मेरी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। आप निश्चिंत रहें, मैं संसद के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर अपनी असहमति की आवाज उठाने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करती रहूंगी और किसी के दबाव में आकर चुप नहीं बैठूंगी।
'जहांगीर खान ने निजी तौर पर लिया फैसला'
वहीं, फलता विधानसभा में दोबारा मतदान से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के अपनी उम्मीदवारी वापस लेने पर, सांसद सायोनी घोष ने कहा, “मुझे लगता है कि यह जहांगीर का अपना फैसला है और पार्टी ने भी अपना रुख साफ कर दिया है कि इस बारे में पार्टी से कोई सलाह-मशविरा नहीं हुआ था। हो सकता है उन्हें लगा हो कि वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और उन पर काफी खतरा था, जिसके लिए वे कोर्ट भी गए थे और कहा था कि उन्हें सुरक्षा की ज़रूरत है। अगर यह चुनाव होता भी, तो भी यह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं होता। मेरा मानना है कि इन सब बातों पर विचार करने के बाद उन्होंने निजी तौर पर यह फैसला लिया।”




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