बंगाल में था आतंक का राज, असली राजनीति अब शुरू होगी; मोदी सरकार के मंत्री का ममता पर तीखा हमला
रिजिजू ने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में बंगाल में राजनीतिक हिंसा और डर ने बहुत गहराई तक जड़ें जमाई हैं। उन्होंने कहा कि ममता तीन बार जीतीं, उन्होंने जोर-जबरदस्ती से जीत हासिल की और वह वामपंथियों से भी एक कदम आगे निकल गईं।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार के बाद बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को नया मुख्यमंत्री बनाया है, जिसके बाद कई ताबड़तोड़ ऐक्शन लिए जा रहे। इस बीच, मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को ममता बनर्जी की पूर्व सरकार पर जबरदस्त हमला बोला और दावा किया कि उनके रहते हुए राज्य में आतंक का राज था। रिजिजू ने कहा कि असली राजनीति अब शुरू होगी।
टाइम्स नाउ के साथ एक इंटरव्यू में किरेन रिजिजू ने कहा, ''जब हम बड़े हो रहे थे, तो पश्चिम बंगाल एक बड़ी दुनिया का दरवाजा था। कोलकाता कभी पूर्वी भारत का केंद्र था, कई मायनों में तो पूरे भारत का भी। दिल्ली सिर्फ राजनीतिक राजधानी हुआ करती थी, लेकिन एक ही पीढ़ी के भीतर, कोलकाता ने वह जगह खो दी है। यह बेहद दुख की बात है कि पश्चिम बंगाल, जो भारत में शुरू हुई इतनी सारी चीजों का केंद्र था, अचानक कोलकाता किस चीज में बदल गया है।"
रिजिजू ने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में बंगाल में राजनीतिक हिंसा और डर ने बहुत गहराई तक जड़ें जमाई हैं। उन्होंने कहा, ''ममता तीन बार जीतीं, उन्होंने जोर-जबरदस्ती से जीत हासिल की और वह वामपंथियों से भी एक कदम आगे निकल गईं। जिसने भी सरकार का विरोध किया, उसे निशाना बनाया गया। डर इतना ज्यादा था। पश्चिम बंगाल में आतंक का राज था।"
केंद्रीय मंत्री ने बंगाल में भाजपा की रणनीति और चुनाव प्रचार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि प्रचार शुरू में तो पारंपरिक राजनीति पर कम और राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बहाल करने पर ज्यादा केंद्रित था। बंगाल में भाजपा को मिला जनादेश ऐतिहासिक है। यह देश के लिए भी एक सांस्कृतिक जीत है। बंगाल में मिली जीत देश की जीत है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को फायदा मिलेगा। कुछ सालों में बंगाल भारत की मूल भावना और विचारों से दूर हो गया था। हमारे लिए यह कोई सिर्फ चुनावी लड़ाई नहीं थी। असली राजनीति अब शुरू होगी।''
बता दें कि चार मई को आए पश्चिम बंगाल के नतीजों में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 208 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को महज 80 सीटों से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में दो सीटें आईं। ममता बनर्जी को पहली बार राज्य में 2011 में सत्ता मिली थी और तब से तीन बार सरकार बनाई। इस बार भाजपा ने टीएमसी को पटखनी देने में कामयाबी हासिल की है।




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