बिल में घुसे रहे सारे लोग, आजादी के समय ये कहां थे; रेणुका चौधरी ने भाजपा पर साधा निशाना
रेणुका चौधरी ने कहा कि जेल में बैठकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश का इतिहास लिखा था। इन्हें क्या पता है। ये संसद में फर्जी पेपर लाते हैं और कहते हैं कि हम पढ़े-लिखे हैं। रहने दीजिए, इनके कहने या नहीं कहने से कुछ नहीं होगा।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने मंगलवार को वंदे मातरम् को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। एएनआई से बातचीत में उन्होंने बीजेपी को लेकर कहा, 'वो जो बोलना चाहते हैं, बोल लेते हैं। कौन मानने वाला है? जब वे अपना क्रेडेंशियल साबित नहीं कर पाते तो दूसरों पर उंगली क्यों उठाते हैं। कम से कम इतिहास ने तो देखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने क्या किया और आज ये क्या कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् कौन बोल रहा है? इसकी बात अब वे कर रहे हैं जो घुटना टेककर और विलायतियों से संपर्क में रहकर खुद को बचाने के लिए सब अपने-अपने बिल में घुसे हुए थे। ये कहां था? इस देश की आजादी के वक्त ये कहां गए थे? क्या कोई जेल गया था?
रेणुका चौधरी ने कहा कि जेल में बैठकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश का इतिहास लिखा था। इन्हें क्या पता है। ये संसद में फर्जी पेपर लाते हैं और कहते हैं कि हम पढ़े-लिखे हैं। रहने दीजिए, इनके कहने या नहीं कहने से कुछ नहीं होगा। कांग्रेस सांसद ने कहा, 'यह बहुत अच्छा हुआ कि हम वंदे मातरम इनसे कहलवा रहे हैं। जिन्होंने कभी इन शब्दों को इतने सालों तक नहीं कहा। इनकी पार्टी, इनकी बुनियाद और इतिहास सबको पता है। वे धोखेबाज हैं।' उन्होंने कहा कि यहां 11 साल बैठने के बाद वे वंदे मातरम बोल रहे हैं। शायद अगले 11 साल में मणिपुर को और ऊपर उठाएंगे। इस समय तो इस मुद्दे का जिक्र नहीं करते।
मनीष तिवारी ने उठाया SIR का मुद्दा
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एसआईआर का मुद्दा उठाया। मंगलवार को उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग के पास पैन स्टेट SIR कराने के लिए कोई कानूनी औचित्य नहीं है। किसी एक संसदीय क्षेत्र या विधानसभा क्षेत्र में SIR करा सकते हैं लेकिन पूरे प्रदेश या देश में आप SIR नहीं करा सकते हैं। कानून या संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है। दूसरी मुख्य बात ये है कि EVM पर लोगों का भरोसा नहीं है और इसलिए 6 प्रदेशों के चुनाव होने जा रहे हैं। हमारी मांग है कि ये चुनाव पेपर बैलेट पर हो। तीसरा - सरकारी पैसा चुनाव से पहले लोगों के खाते में जाता है। इसको बंद करना चाहिए।'




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