Rajyasbha Elections: राज्यसभा में रवनीत बिट्टू को मौका नहीं, गैर सिख नेता को टिकट; BJP का नया फॉर्मूला
Rajyasbha Elections: ढिल्लों वह भाजपा की प्रदेश इकाई की कमान संभालने वाले पहले जाट सिख हैं। उन्हें 28 मई को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। ढिल्लों पंजाब के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मालवा क्षेत्र से आते हैं, जहां राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा के 69 निर्वाचन क्षेत्र हैं।

Rajyasbha Elections: राज्यसभा चुनाव के बीच पंजाब में भारतीय जनता पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव करती नजर आ रही है। इसके संकेत उम्मीदवारों की लिस्ट से मिल रहे हैं। ताजा सूची में मौजूदा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का नाम नहीं है। जबकि, पार्टी महासिचव तरुण चुघ को उम्मीदवारा बनाया गया है। वहीं, पार्टी ने हाल ही में सिख नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
बिट्टू को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी
हाल ही में बिट्टू ने ढिल्लों के एक कार्यक्रम में कहा था, 'दिल्ली में 17 साल हो गए हैं। मैं लोकसभा और राज्यसभा का सदस्य रहा...। हम लंबे समय से दिल्ली में बैठे हैं। अब हम चाहते हैं कि पंजाब के हर कोने तक पहुंचे, लोगों से मिलें और उनके साथ ही रहें।' उन्होंने कहा था कि भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर पार्टी ही फैसला करेगी।
केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बिट्टू ने कहा कि भाजपा ने संसदीय चुनाव हारने के बावजूद उन्हें मंत्री बनाया। बिट्टू की टिप्पणियों ने राजनीतिक हलकों में इस बात पर बहस छेड़ दी कि वह कौन से निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। बिट्टू कांग्रेस के टिकट पर तीन बार लोकसभा सांसद रहे।
अब अटकलें ये हैं कि भाजपा बिट्टू को पंजाब में होने वाले 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी भूमिका के लिए तैयार कर रही है। खास बात है कि इस लिस्ट में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का नाम होने की भी चर्चाएं थीं। हालांकि, अब तक सभी उम्मीदवारों के नाम सामने नहीं आए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा उम्मीदवारों के चुनाव से और चौंका सकती है।
तरुण चुघ को मैदान में उतारा
भाजपा ने राज्यसभा चुनावों के लिए दस और एक उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा गुरुवार को कर दी है। पार्टी महासचिव तरुण चुग को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी के सभी उम्मीदवार नए हैं। वह पहली बार सांसद बनेंगे। पंजाब के विधाानसभा चुनावों को देखते हुए यह अहम फैसला है।
कहा जा रहा है कि ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद अब गैर सिख हिंदू को राज्यसभा में लाकर संतुलन बनाया गया है। मध्य प्रदेश में तीन में तय जीत वाली दोनों सीटों के लिए घोषित उम्मीदवारों में तरुण चुग के साथ प्रदेश संगठन में सचिव रजनीश अग्रवाल शामिल हैं।
भाजपा में मजबूत पकड़
54 साल के चुघ भाजपा में साल 2018 से महासचिव हैं। वह पार्टी में पंजाब के सबसे बड़े चेहरों में से एक माने जाते हैं। वह जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और तेलंगाना समते कई राज्यों में संगठन की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। खास बात है कि उन्हें राजनीतिक करियर में खास चुनावी सफलता नहीं है। उन्होंने साल 2012 और 2017 में कांग्रेस के ओम प्रकाश सोनी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। दोनों बार उन्हें बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
केवल सिंह ढिल्लों बने प्रदेश प्रमुख
ढिल्लों वह भाजपा की प्रदेश इकाई की कमान संभालने वाले पहले जाट सिख हैं। उन्हें 28 मई को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। ढिल्लों पंजाब के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मालवा क्षेत्र से आते हैं, जहां राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा के 69 निर्वाचन क्षेत्र हैं। बरनाला से दो बार विधायक रह चुके ढिल्लों ने दोनों बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। ढिल्लों 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें पार्टी की प्रदेश इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।




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