Rahul Gandhi reach Parliament with General MM Naravane memoir targets PM Modi नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंच गए राहुल गांधी, बोले- प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत नहीं कि…, India News in Hindi - Hindustan
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नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंच गए राहुल गांधी, बोले- प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत नहीं कि…

राहुल गांधी ने इससे पहले निचले सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस संस्मरण के कुछ अंश का जिक्र किया था, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। इसे लेकर बीते सोमवार से लोकसभा में गतिरोध बना हुआ है।

Wed, 4 Feb 2026 02:28 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंच गए राहुल गांधी, बोले- प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत नहीं कि…

लोकसभा में विपक्ष के राहुल गांधी द्वारा पूर्व सैन्य प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण में की गई टिप्पणियों का जिक्र करने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच बुधवार को राहुल गांधी इस किताब एक प्रति लेकर संसद पहुंच गए। राहुल गांधी ने दावा किया कि यह किताब विदेश में छप चुकी है, लेकिन इसे भारत में प्रकाशन की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस दौरान उन्होंने इसके एक अंश का हवाला देते हुए यह दावा भी किया कि जब चीन के टैंक भारत की सीमा की तरफ बढ़ रहे थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नहीं किया था। उन्होंने कहा है कि पीएम के पास संसद आने की हिम्मत नहीं, और अगर वह संसद आएंगे तो राहुल उन्हें यह किताब देंगे।

उन्होंने बुधवार को पत्रकारों को यह पुस्तक दिखाते हुए कहा, ''वे कहते हैं कि यह किताब अस्तित्व में नहीं है, लेकिन यह रही किताब। भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है। यह नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता।'' राहुल गांधी ने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही एक लाइन है कि ''जो उचित समझो, वो करो।''

PM ने नहीं निभाई जिम्मेदारी- राहुल

कांग्रेस नेता ने कहा, ''नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को फोन कर बताया कि सीमा पर चीन के टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है? लेकिन तब राजनाथ सिंह जी का कोई उत्तर नहीं आया। नरवणे जी ने उन्हें फिर फोन किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने कहा- मैं 'ऊपर' से पूछता हूं। 'ऊपर' से आदेश आया कि जब चीन की सेना हमारी सीमा के अंदर आए तो बिना हमसे पूछे फायर नहीं करें।'' उनका कहना था, ''हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वो भारत की सीमा में घुस आए थे। लेकिन इस मुश्किल समय में नरेंद्र मोदी जी ने संदेश दिया- "जो उचित समझो, वो करो।'' मतलब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की और सेना से कहा कि आपको जो करना है करो, मेरे बस की नहीं है।''

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राहुल गांधी के मुताबिक, तत्कालीन सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब में साफ लिखा है, ''मुझे बहुत अकेलापन महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।'' कांग्रेस नेता ने दावा किया, ''मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री में आज लोकसभा में आने की हिम्मत है क्योंकि अगर वह आते हैं, तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब दूंगा।'' उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भी अपनी इस वीडियो को शेयर कर पीएम मोदी पर निशाना साधा।

लोकसभा में गतिरोध जारी

बता दें कि राहुल गांधी निचले सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस संस्मरण के कुछ अंश उद्धृत करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। इसे लेकर बीते सोमवार से लोकसभा में गतिरोध बना हुआ है। बुधवार को लोकसभा में हुए भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित कर दिया गया।

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