R Major General GD Bakshi slams Trump said America is stuck in a long war with Iran ईरान के खिलाफ लंबे युद्ध में फंस गया है अमेरिका; रि. मेजर जनरल जीडी बख्शी ने ट्रंप को लताड़ा, India News in Hindi - Hindustan
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ईरान के खिलाफ लंबे युद्ध में फंस गया है अमेरिका; रि. मेजर जनरल जीडी बख्शी ने ट्रंप को लताड़ा

भारतीय सेना के रिटायल मेजर जनरल जीडी बख्शी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ यह युद्ध बिना किसी सही योजना के शुरू कर दिया है। उनकी इस हरकत की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था भुगत रही है।

Sat, 21 March 2026 09:39 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के खिलाफ लंबे युद्ध में फंस गया है अमेरिका; रि. मेजर जनरल जीडी बख्शी ने ट्रंप को लताड़ा

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर रिटायर मेजर जनरल जीडी बख्शी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करके अमेरिका एक अंतहीन और लंबे खिंचने वाले युद्ध में फंस गया है। इस युद्ध से न केवल अमेरिका और ईरान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को लड़ने का शौक है, यह शौक पूरा करते हैं और इसका खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ता है। अमेरिका इस जंग में उलझ गया है।

एएनआई से बात करते हुए रिटायर मेजर जनरल जीडी बख्शी ने ट्रंप की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस अंतहीन युद्ध में फंस कर अपने साथ-साथ पूरी दुनिया की खाट खड़ी कर दी है। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने बिना किसी योजना के इस युद्ध को शुरू कर दिया। अब इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो रही है क्योंकि ईरान ने होर्मुज बंद कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार कर गई है, जिस दिन इन्होंने सैनिक जमीन पर उतारे, तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच जाएगी। होर्मुज से केवल तेल ही नहीं आता है। फर्टिलाइजर, यूरिया और खाद भी आते हैं। बुवाई के समय तक यह नहीं खुला तो पूरी दुनिया में खाद के दाम बढ़ जाएंगे। इसका असर भारत के साथ-साथ अमेरिका में भी दिखाई देगा। वहां के किसान भी इससे परेशान होंगे। पेट्रोल के भाव बढ़ेंगे।"

जीडी बख्शी ने ट्रंप को सच्चाई बताते हुए कहा कि आने वाले समय में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं। ऐसे समय में अगर अमेरिका की जनता, वहां के किसान और मध्यम वर्ग के लोग ट्रंप की हरकतों से परेशान होते हैं, तो वह ट्रंप को जवाब भी देंगे। ट्रंप को अपने वोट गंवाने भी पड़ सकते हैं।

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उन्होंने अमेरिका को पुराने युद्ध के जख्म याद दिलाते हुए कहा कि ट्रंप अपनी सेना की बड़ी-बड़ी बातें देते हैं, लेकिन अगर उन्होंने जमीन पर सैनिक उतारे तो उन्हें फिर से हकीकत का पता चल जाएगा। उन्होंने कहा, “'डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद 7 से 8 हमलों पर हमला कर चुके हैं। उन्होंने वेनेजुएला पर हमला कर दिया, एक दिन में सफलता हासिल कर ली तो हवा में उड़ रहे हैं। ईरान पर चढ़ बैठे हैं। जापान से और अमेरिका से मरीन कमांडो भेज रहे हैं। वह कहते हैं कि हमें सैनिक जमीन पर उतारने से फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन इतिहास देखिए, इराक में लड़ने गए थे पिट कर वापस गए, वियतनाम में गए थे, वहां से पिटकर आए, अफगानिस्तान में 20 साल पिटकर वापस गए थे। यह है इनकी हकीकत। अभी यहां युद्ध खत्म नहीं हुआ है और यह क्यूबा में लड़ाई शुरू करने लगे हैं, पता नहीं इनका क्या हिसाब है।” रिटायर मेजर जनरल ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप सोचते हैं कि वह इस युद्ध को लंबा खींच कर चुनाव टलवा सकते हैं, लेकिन ऐसा संभव नहीं होगा।