डरे हुए हैं PM मोदी, इसीलिए नहीं आए संसद; संबोधन टलने पर राहुल गांधी का नया हमला
एक वीडियो बयान साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि जैसा मैंने कहा, पीएम मोदी संसद में नहीं आएंगे क्योंकि वो डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते। पीएम का संबोधन टलने के बाद ये ट्वीट आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज (बुधवार को) शाम लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जबाव देना था लेकिन सदन में भारी हंगामे की वजह से उनका संबोधन टल गया। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री पर हमला बोला है। पीएम का संबोधन टलने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज संसद में नहीं आए क्योंकि वह डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते हैं। राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण की एक प्रति लेकर संसद पहुंचे थे और कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आते हैं तो वह यह पुस्तक उन्हें भेंट करेंगे।
एक वीडियो बयान साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "जैसा मैंने कहा, पीएम मोदी संसद में नहीं आएंगे क्योंकि वो डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते।" जो वीडियो उन्होंने साझा किया है, वो आज दोपहर का वीडियो है, जिसमें वह पहले ही कह चुके थे के पीएम संसद में नहीं आएंगे। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि अगर पीएम आते तो वह उन्हें एक किताब सौंपते और उस पर चर्चा की मांग करते। ऐसा कहते हुए राहुल एक किताब दिखा रहे हैं।
राहुल के हाथ कौन सी किताब?
ये वही किताब है, जिसके उद्धरण कोट करने पर लोकसभा में हंगामा मच चुका है और पिछले तीन दिनों से सदन की कार्यवाही स्थगित हो रही है।'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' नाम की किताब पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लिखी है, जो विदेश में प्रकाशित हो चुकी है। उन्होंने संवाददाताओं को पुस्तक दिखाते हुए कहा, ''वे (सरकार) कहते हैं कि यह किताब अस्तित्व में नहीं है, लेकिन यह रही किताब। भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है। यह नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसके अंश उद्धृत नहीं कर सकता।'' राहुल गांधी ने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कही एक लाइन है कि ''जो उचित समझो, वो करो।''
लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं देने का आरोप लगाते हुए बुधवार को भी भारी हंगामा किया जिसके कारण कोई कामकाज नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। तीन बार के स्थगन के बाद शाम पांच बजे पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु की तो विपक्षी सदस्य तेजी से सदन के बीचों बीच आ गये और हंगामा करने लगे।
सदन की कार्यवाही कल तक स्थगित
पीठासीन अधिकारी ने भाजपा के पी पी चौधरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए कहा। चौधरी ने अपनी बात रखते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इस बीच सदन में लगातार भारी शोर शराबा होता रहा। इसके बाद पीठासीन अधिकारी राय ने बार-बार सदस्यों से शांत होने का आग्रह किया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी और हंगामा और तेज हो गया जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित कर दी।
इससे पहले 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु की तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करते हुए सदन के बीचों बीच आकर नारेबाजी शुरु कर दी। इसे देखते हुए उन्होंने सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। कार्यवाही पुन: बारह बजे शुरू होते ही सदस्य हंगामा करने लगे और हंगामे के बीच जरूरी दस्तावेज पटल पर रखवाए गये। इससे पहले दो बजे सदन की कार्यवाही होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और कई सदस्य नारे लगाते हुए बैनर के साथ आसन के समक्ष आ गये थे। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)




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