पीएम मोदी ने 24 घंटे में दो बार की तेल बचाने की अपील, क्या बड़ा संकट आने वाला है?
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को इस दशक के बड़े संकटों में से एक बताते हुए कहा कि जब देशवासियों ने मिलकर कोरोना का सामना किया, तो इस चुनौती से भी हम अवश्य पार पा लेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार पूरे प्रयास कर रही है कि आम लोगों पर इसका कम से कम प्रभाव पड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंट में लगातार दूसरी बार देशवासियों से तेल की बचत करने की अपील की है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि तेल की बचत अब हर नागरिक की जिम्मेदारी है। वडोदरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पूरी दुनिया अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोरोना महामारी, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव। इन सबका असर भारत पर भी पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को इस दशक के बड़े संकटों में से एक बताते हुए कहा कि जब देशवासियों ने मिलकर कोरोना का सामना किया, तो इस चुनौती से भी हम अवश्य पार पा लेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार पूरे प्रयास कर रही है कि आम लोगों पर इसका कम से कम प्रभाव पड़े, लेकिन इस समय जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पूरी दुनिया लगातार अस्थिरता और संकटों से गुजर रही है। पहले कोविड-19 महामारी का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव। इन सभी परिस्थितियों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोविड महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट था, तो पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से बनी स्थिति इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक है। हमने मिलकर कोविड का सामना किया था, ठीक उसी तरह इस संकट से भी हम अवश्य पार पा लेंगे।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि इस संकट का देश की जनता पर कम से कम प्रभाव पड़े। लेकिन इस समय देश को जनभागीदारी की सबसे बड़ी जरूरत है। हमें भारत के नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी होगी। पीएम मोदी ने कहा कि पहले के दशकों में भी जब देश युद्ध या किसी बड़े संकट से गुजरा, तब सरकार की अपील पर हर नागरिक ने अपना दायित्व निभाया। आज भी हमें उसी भावना से आगे आना होगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में देशवासियों से इन वस्तुओं की खपत कम करने की अपील की। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर प्राण न्योछावर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी से जीवन जीने और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करने में भी है।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत घटाने का आग्रह करते हुए सुझाव दिया कि जहां संभव हो, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, जरूरी होने पर कार-पूलिंग अपनाएं, माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें। इस दौरान उन्होंने कोविड काल वाली व्यवस्थाओं को फिर से अपनाने की अपील की, जिसमें वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकें शामिल हैं। विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से देश के अंदर ही पर्यटन और समारोह आयोजित करने की प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही, एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से परहेज करने का अनुरोध किया था।
सोमवार को गुजरात में इन बातों को दोहराते हुए पीएम मोदी ने आम जनता से सरकार के साथ खड़े होने की अपील की। 24 घंटे के अंदर प्रधानमंत्री की लगातार दूसरी अपील से सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश किसी बड़े आर्थिक या आपूर्ति संकट की ओर बढ़ रहा है।




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