Pakistan nuclear activities pose a challenge to the world MEA on Tulsi Gabbard statement दुनिया भर के लिए चुनौती है पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियां; तुलसी गबार्ड के बयान पर MEA, India News in Hindi - Hindustan
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दुनिया भर के लिए चुनौती है पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियां; तुलसी गबार्ड के बयान पर MEA

अमेरिकी खुफिया एजेंसी प्रमुख तुलसी गबार्ड के पाकिस्तान पर दिए बयान को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियां का इतिहास दुनिया पहले से जानती है और यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।

Thu, 19 March 2026 11:21 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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दुनिया भर के लिए चुनौती है पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियां; तुलसी गबार्ड के बयान पर MEA

अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड द्वारा पाकिस्तान की परमाणु गतिविधियों पर दिए गए बयान पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। एमईए की तरफ से कहा गया कि पाकिस्तान का गुप्त परमाणु प्रसार जगजाहिर है और पाकिस्तान की गतिविधियां दुनिया भर के लोगों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, बस इस बात को अमेरिका की तरफ से एक बार फिर से उजागर किया गया है।

मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के बारे में जितना कम कहा जाए उतना बेहतर है। पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले काम पूरे विश्वभर के कई लोगों को लिए चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान का गुप्त परमाणु गतिविधियों का इतिहास सभी के सामने है। अब सभी लोग इसको समझते भी हैं, इससे दुनिया को जो जोखिम है, वह भी सभी के सामने हैं। अमेरिका में जो कहा गया, उसमें कुछ भी नया नहीं है, बस इसे एक बार फिर से उजागर कर दिया गया है।"

अमेरिका और भारत की सुरक्षा पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "जहां तक अमेरिका के आंतरिक और सुरक्षा आकलन का प्रश्न है हमारी ओर से हम लगातार ड्रग्स जैसे मुद्दों पर लगातार काम कर रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए हमारा एक साझा उद्देश्य है। हमारे पास एक कार्य समूह है और इसके माध्यम से एक संस्थागत बातचीत का तंत्र मौजूद है, जिसके जरिए हम इस साझा चुनौती का समाधान करने का प्रयास करते हैं।"

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आपको बता दें, विदेश मंत्रालय की तरफ से यह बयान अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड द्वारा दी गई प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है। गबार्ड ने कहा था कि चीन, रूस और पाकिस्तान द्वारा विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिकरा के लिए सबसे बड़ा खतरा हो सकती है। उन्होंने सीनेट खुफिया समिति को बताया कि इन मिसाइलों की संख्या मौजूदा तीन हजार से अधिक मिसाइलों से बढ़कर 2035 तक 16 हजार से अधिक हो जाएंगी।

गौरतलब है कि अमेरिका को पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के बारे में शुरुआत से ही जानकारी है। अमेरिका की पाकिस्तान को लेकर नीति ऐसी ही रही है। एक पक्ष पाकिस्तान को अपना दोस्त बताकर उसकी हिमायत करता रहता है, वहीं, दूसरी ओर एक पक्ष उनके परमाणु हथियारों को लेकर डर जताता रहा है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने आसिम मुनीर को बुलाकर वाइट हाउस में डिनर कराया था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर अमेरिका का नियंत्रण रहता है। हालांकि, इसकी कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी परमाणु हथियार को लेकर इजरायल भी अपनी चिंता जता चुका है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि ईरान के बाद सबसे बड़ा खतरा पाकिस्तान ही है, क्योंकि यही एक ऐसा देश है, जिसके पास परमाणु हथियार और कट्टरपंथी दोनों तत्व मौजूद हैं।