Pakistan Greatest Nuclear Threat to America Trump Supporter Tulsi Gabbard Big Statement अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा है पाकिस्तान, ट्रंप समर्थक तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान, International Hindi News - Hindustan
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अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा है पाकिस्तान, ट्रंप समर्थक तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान

अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा है कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान भी सबसे बड़ा परमाणु खतरा है। इसके साथ, उन्होंने  रूस, चीन और नॉर्थ कोरिया का भी नाम लिया है। उन्होंने कहा कि ये  देश कई तरह की नए उन्नत या पारंपरिक मिसाइल डिलीवरी प्रणालियों पर रिसर्च और डेवलपमेंट कर रहे हैं।

Wed, 18 March 2026 09:01 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा है पाकिस्तान, ट्रंप समर्थक तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समर्थक और राष्ट्रीय खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान भी सबसे बड़ा परमाणु खतरा है। पाक के साथ-साथ उन्होंने रूस, चीन और नॉर्थ कोरिया का भी नाम लिया है। एक ब्रीफिंग के दौरान, तुलसी गबार्ड ने ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया को लेकर कहा कि ये देश सक्रिय रूप से नई मिसाइल डिलीवरी प्रणालियां बना रहे हैं, जिनमें परमाणु और पारंपरिक, दोनों तरह के वॉरहेड शामिल हैं, और जो अमेरिका को अपनी मारक सीमा के भीतर लाते हैं।

गबार्ड ने कहा, "खुफिया विभाग का आकलन है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान कई तरह की नई, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल डिलीवरी प्रणालियों पर रिसर्च और डेवलपमेंट कर रहे हैं। इनमें परमाणु और पारंपरिक, दोनों तरह के पेलोड शामिल हैं, और ये हमारे देश को अपनी मारक सीमा के भीतर ले आते हैं।" उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया, रूस और चीन के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहा है।

नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने सीनेट को दी गई अपनी लिखित गवाही में कहा, “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के परिणामस्वरूप, ईरान का परमाणु संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट हो गया था। उसके बाद से, अपनी संवर्धन क्षमता को फिर से बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई है।”

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ईरान युद्ध पर क्या बोलीं तुलसी?

वहीं, तुलसी गबार्ड ने कहा कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान की सरकार कमजोर हुई है, लेकिन वह अभी भी कायम दिखती है। तेहरान और उसके सहयोगी मध्य पूर्व में अमेरिका और उसके साथियों के हितों पर हमला करने में अब भी सक्षम हैं। गबार्ड ने सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की अमेरिका के लिए दुनिया भर से आने वाले खतरों पर सालाना सुनवाई के अपने शुरुआती बयान में कहा, "ईरान की सरकार कायम दिखती है, लेकिन 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की वजह से वह काफी हद तक कमजोर हो गई है।" उन्होंने यहां ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान का जिक्र किया।

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