Only one fight daily, Dubai limits foreign flights till May 31 amid West Asia war Indian airlines hit hardest रोजाना सिर्फ एक उड़ान, इससे ज्यादा नहीं मंजूर; दुबई ने लगाया बैन, भारतीय विमानन कंपनियों पर क्या असर, India News in Hindi - Hindustan
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रोजाना सिर्फ एक उड़ान, इससे ज्यादा नहीं मंजूर; दुबई ने लगाया बैन, भारतीय विमानन कंपनियों पर क्या असर

इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने 31 मार्च को भारत सरकार को भेजे गए एक पत्र में कहा है कि वह दुबई के अधिकारियों पर इस प्रतिबंध को हटाने के लिए दबाव डाले।

Fri, 10 April 2026 08:59 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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रोजाना सिर्फ एक उड़ान, इससे ज्यादा नहीं मंजूर; दुबई ने लगाया बैन, भारतीय विमानन कंपनियों पर क्या असर

मिडिल-ईस्ट में जंग और तनाव का असर न सिर्फ तेल और गैस पर पड़ा है बल्कि सिविल एविएशन सेक्टर भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ईरान संकट की वजह से मिडिल ईस्ट के कई देश पहले से ही उड़ानों को सीमित कर चुके हैं अब दुबई ने विदेशी एयरलाइंस को अपने हवाई अड्डों पर 31 मई तक रोजाना सिर्फ एक ही उड़ान की इजाजत दी है। दुबई के इस फैसले से भारतीय एयरलाइंस कंपनियों में हड़कंप मच गया है क्योंकि उन्हें राजस्व हानि का डर पैदा हो गया है। अन्य देशों की एयरलाइंस की तुलना में भारतीय कंपनियों ने इस गर्मी में दुबई के लिए अधिक उड़ानें भरने की योजना बनाई थी।

दुबई प्रशासन के अनुसार, हर विदेशी एयरलाइन्स को रोजाना सिर्फ एक राउंड ट्रिप (आना-जाना) की अनुमति दी गई है। उनके अनुसार यह नियम दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए लागू किया गया है। इसे 20 अप्रैल से 31 मई तक अनिवार्य किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रतिबंध युद्ध के बाद पहले से लागू सीमाओं का ही विस्तार है।

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दुबई पर डालें दबाव, भारत सरकार से गुहार

इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने 31 मार्च को भारत सरकार को भेजे गए एक पत्र में कहा है कि वह दुबई के अधिकारियों पर इस प्रतिबंध को हटाने के लिए दबाव डाले। पत्र में कहा गया है कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो अमीरात और फ्लाईदुबई सहित दुबई एयरलाइंस पर जवाबी कार्रवाई पर विचार किया जाए।

प्रतिबंधों का विस्तार

बता दें कि होर्मुज संकट की वजह से भारतीय एयरलाइंस पहले से ही ईंधन की बढ़ती कीमतों और पश्चिमी गंतव्यों के लिए लंबे मार्गों के कारण वित्तीय दबाव में हैं। इसके अलावा पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर की वजह से पाकिस्तान से चल रहे तनातनी की वजह से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग वर्जित है। 27 मार्च को एयरलाइंस को भेजे गए एक निजी ईमेल में दुबई एयरपोर्ट्स ने कहा है कि सभी विदेशी एयरलाइंस को 20 अप्रैल से 31 मई के बीच गर्मियों के मौसम में दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्सबी), जो आम तौर पर दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय यात्रा केंद्र है, और छोटे अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीडब्ल्यूसी) के लिए प्रतिदिन एक राउंड ट्रिप की अनुमति दी जाएगी। यह प्रतिबंध युद्ध शुरू होने के बाद लागू किए गए प्रतिबंधों का विस्तार है।

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प्रतिदिन एक राउंड ट्रिप

ईमेल में कहा गया, "कैरियां प्रतिदिन एक राउंड ट्रिप तक ही सीमित रहेंगी, जब तक कि क्षमता अधिक उड़ानों की अनुमति नहीं देती... क्षमता उपलब्ध होने पर अतिरिक्त स्लॉट आवंटित किए जाएंगे।" इधर FIA ने भारत सरकार को बताया कि ये प्रतिबंध दुबई की एयरलाइंस जैसे कि अमीरात और फ्लाईदुबई पर लागू नहीं किए जा रहे हैं, जिससे एक असमान प्रतिस्पर्धा का माहौल बन रहा है और इससे राजस्व में "काफी" नुकसान हो सकता है।

भारतीय एयरलाइंस को सबसे ज़्यादा नुकसान

2025 में दुबई भारतीय यात्रियों का सबसे बड़ा यात्रा गंतव्य या स्रोत रहा है, जहाँ 1.19 करोड़ यात्री गुज़रे हैं। Cirium के अप्रैल और मई के शेड्यूल डेटा के अनुसार, दुबई की ये सीमाएँ भारतीय एयरलाइंस को सबसे ज़्यादा प्रभावित करेंगी। एयर इंडिया और उसकी बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस अवधि में दुबई के लिए 750 से ज़्यादा उड़ानें निर्धारित की हैं। IndiGo की 481 उड़ानें निर्धारित हैं। इसके बाद Saudia और Gulf Air का नंबर आता है, जिन्होंने क्रमशः 480 और 404 उड़ानों की योजना बनाई थी। भारत की SpiceJet ने 61 उड़ानों की योजना बनाई है।

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अब महीने में सिर्फ 30 या 31 उड़ान

अब नए नियमों के अनुसार प्रति दिन एक उड़ान की सीमा का मतलब होगा कि हर विदेशी एयरलाइन को महीने में सिर्फ 30 या 31 उड़ानें ही वहां भेजनी होगी, जबकि Flightradar24 के डेटा के अनुसार Emirates और flydubai रोज़ाना सैकड़ों उड़ानें भर रही हैं। IndiGo ने रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व संकट और दुबई के नए विस्तारित प्रतिबंधों ने उसके परिचालन को "काफ़ी हद तक सीमित" कर दिया है, क्योंकि उसके पास भारत से दुबई के लिए रोज़ाना 15 उड़ानों का स्वीकृत ग्रीष्मकालीन शेड्यूल था लेकिन अब उन्हें सिर्फ एक उड़ान की ही इजाजत है। यानी इन कंपनियों को भारी राजस्व नुकसान हो सकता है और इसी वजह से सभी परेशान हैं।