महंगा हुआ फ्यूल, टूटा स्टॉक! इंडिगो को लगा डबल झटका, जानिए गिरावट की असली वजह
इंडिगो के शेयरों में करीब 5% की गिरावट देखने को मिली, जब IndiGo ने बढ़ती Aviation Turbine Fuel (ATF) कीमतों के चलते फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया। इस कदम से एयरलाइन की लागत तो संतुलित हो सकती है, लेकिन महंगे टिकट के कारण डिमांड पर असर पड़ने की आशंका से निवेशक चिंतित हैं।
एविएशन सेक्टर से एक बड़ी खबर आई है, जिसने निवेशकों और यात्रियों दोनों को चौंका दिया है। इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के शेयरों में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई है। इसकी वजह तेजी से बढ़ती ईंधन कीमतें और उससे निपटने के लिए बढ़ाया गया फ्यूल चार्ज है। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं।
क्या हुआ पूरा मामला?
2 अप्रैल से इंडिगो (IndiGo) ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि ATF (Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में अचानक भारी उछाल आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल संकट और सप्लाई बाधाओं के चलते ATF की कीमतें एक महीने में 130% तक बढ़ गई हैं।
शेयर क्यों गिरे?
जब कंपनी ने टिकट महंगे करने का फैसला लिया, तो निवेशकों को डर हुआ कि हवाई यात्रा महंगी होने से डिमांड घट सकती है। कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है। इसी चिंता के चलते शेयर में 5% की गिरावट आई।
InterGlobe Aviation (NSE: INDIGO) के शेयरों में हाल ही में गिरावट देखने को मिली है। स्टॉक करीब 3.58% गिरकर ₹4,031.20 पर कारोबार कर रहे हैं, जो दर्शाता है कि बढ़ती लागत और खासतौर पर ATF (Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतों में आए उछाल के मद्देनजर एयरलाइन 14 मार्च से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर 425 रुपये से 2,300 रुपये तक का ईंधन शुल्क वसूल रही है। घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के आधार पर संशोधित ईंधन शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये के बीच होगा।
कितनी बढ़ोतरी होगी?
इंडिगो ने एक बयान में कहा कि इंडिगो ने अलग-अलग यात्रा दूरियों के हिसाब से अपने घरेलू ईंधन शुल्क को फिर से निर्धारित किया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में दूरी के आधार पर ईंधन शुल्क 900 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगा।
कब से होगी बढ़ोतरी?
बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के लिए पिछले महीने में एटीएफ की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं, जिसके चलते इन मार्गों पर एयरलाइन की ऑपरेशनल कॉस्ट पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। ये संशोधित शुल्क 2 अप्रैल को रात 00:01 बजे से लागू होंगे।
एयरलाइन कंपनियों ने बुधवार को कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में आंशिक वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच यह वृद्धि की गई है।
वजह क्या है?
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में जारी तनाव है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने घरेलू उड़ानों के लिए केवल 25% आंशिक बढ़ोतरी की अनुमति दी है, जिससे एयरलाइंस को कुछ राहत मिली है।




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