Omar Abdullah says no one is forcing anyone to go to the liquor shops controversy आपको जाने के लिए कोई मजबूर नहीं कर रहा, शराब की दुकानों पर हंगामे के बीच बोले उमर अब्दुल्ला, India News in Hindi - Hindustan
More

आपको जाने के लिए कोई मजबूर नहीं कर रहा, शराब की दुकानों पर हंगामे के बीच बोले उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग धर्मों के लोग रहते हैं और बाहर से आने वाले पर्यटक भी हैं, इसलिए ये दुकानें उनके लिए हैं, न कि स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए। 

Mon, 11 May 2026 11:06 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
आपको जाने के लिए कोई मजबूर नहीं कर रहा, शराब की दुकानों पर हंगामे के बीच बोले उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शराब की दुकानों को लेकर उठे विवाद पर साफ रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शराब की खपत धर्म-केंद्रित विषय है और कोई किसी को दुकानों पर जाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है। उमर ने कहा कि ये दुकानें उन लोगों के लिए हैं जिनके धर्म में शराब पीने की इजाजत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने न तो नई दुकानें खोली हैं और न ही शराब की बिक्री को बढ़ावा दिया है। बल्कि कोशिश रही है कि दुकानें युवाओं को गुमराह न करें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:POSH नियमों को ठेंगा, नफरती माहौल; TCS केस में NCW ने बयां किए डरावने हालात

लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के बीच यह बयान अहम है, जहां शराब की दुकानों को छोड़ दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान को साफ करते हुए सोमवार को कहा कि कोई भी किसी को शराब पीने के लिए नहीं खींच रहा है। उन्होंने पूछा, 'क्या किसी ने आपको शराब पीने के लिए मजबूर किया है? आप अपनी मर्जी से दुकानों पर जाते हैं।' सरकार ने शराब की बिक्री का विज्ञापन भी नहीं किया और दुकानों की संख्या नहीं बढ़ाई। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे बातों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ममता के पूर्व मंत्री पर ED का शिकंजा, नगरपालिका भर्ती घोटाले में हुए गिरफ्तार

शराब की दुकानों पर क्या बोले उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग धर्मों के लोग रहते हैं और बाहर से आने वाले पर्यटक भी हैं, इसलिए ये दुकानें उनके लिए हैं, न कि स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए। उनकी सरकार का प्रयास युवाओं को गलत राह पर जाने से रोकना है।

वहीं, पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने उमर के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह तर्क सही नहीं है क्योंकि हिंदू बहुल राज्य जैसे गुजरात और बिहार में शराब पर प्रतिबंध है। इल्तिजा ने जम्मू-कश्मीर की सेकुलर छवि का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का बयान बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशील है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के बफर जोन को घटाने का फैसला, सरकार ने क्यों उठाया कदम

उमर अब्दुल्ला ने जवाब में कहा कि पीडीपी के सत्ता में रहते समय भी क्या किया गया, यह सवाल उठाया और विधानसभा में पीडीपी के वित्त मंत्री के बयान का हवाला दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अपनी धर्म में शराब की अनुमति नहीं है और वे लोगों को इस ओर नहीं ले जाना चाहते। बता दें कि नशा मुक्त अभियान के तहत अब तक 614 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 646 गिरफ्तारियां हुई हैं और बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं।