भारत के पास पेट्रोल-डीजल, एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक, Lockdown पर भी सरकार ने कही बड़ी बात
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई स्थिति पर एक मीडिया ब्रीफिंग में बड़ी बात कही कि लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। इस पर विचार भी नहीं किया जा रहा है।

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का इतना पर्याप्त स्टॉक है जो सामान्य डिलीवरी साइकिल के हिसाब से कम से कम दो महीने तक चल सकता है। सरकार ने पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को देखते हुए किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की संभावना से इनकार कर दिया।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत के पास लगभग 60 दिनों का तेल स्टॉक कवर है और उसने पूरे एक महीने की एलपीजी सप्लाई का इंतजाम कर लिया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल या एलीपीजी की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई स्थिति पर एक मीडिया ब्रीफिंग में बड़ी बात कही, "लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। इस पर विचार भी नहीं किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर लोगों का घबराकर ज्यादा खरीदारी करना और लंबी कतारें लगना, गलत जानकारी और अफवाहों की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा, "कोई संकट या कमी नहीं है।" "हमारे पास कच्चे तेल (पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधन बनाने के लिए कच्चा माल) की पर्याप्त मात्रा है। हमारे पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, और LPG की सप्लाई भी सुनिश्चित की गई है।"
पूरे देश में सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भले ही वैश्विक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, फिर भी हमारे नागरिकों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी चीजों की बिना किसी रुकावट के उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हम उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं यह साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के विचाराधीन ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।" उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं के सामने लगातार मजबूती दिखाई है, और सरकार समय पर, सक्रिय और समन्वित तरीके से काम करती रहेगी। भारत अपनी कच्चे तेल की 88 प्रतिशत जरूरत, प्राकृतिक गैस की आधी जरूरत और LPG की 60 प्रतिशत मांग को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर रहता है। कच्चे तेल का आधा हिस्सा, गैस का एक-तिहाई हिस्सा और एलपीजी का 85-90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते आता था। युद्ध के कारण यह जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) लगभग पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे आयातक आपूर्ति के लिए परेशान हो रहे हैं।




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