कौन है ‘एम सर’, NEET पेपर लीक से क्या कनेक्शन; सीबीआई ने किया गिरफ्तार
NEET Paper leak: नीट पेपर लीक को लेकर सीबीआई की जांच चल रही है। सीबीआई के शक के दायरे में महाराष्ट्र के लातूर जिले का एक कोचिंग टीचर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी को शक है कि इस टीचर के पास नीट परीक्षा से 10 दिन पहले ही पेपर लीक होकर आ गए थे।

NEET Paper leak: नीट पेपर लीक को लेकर सीबीआई की जांच चल रही है। सीबीआई के शक के दायरे में महाराष्ट्र के लातूर जिले का एक कोचिंग टीचर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी को शक है कि इस टीचर के पास नीट परीक्षा से 10 दिन पहले ही पेपर लीक होकर आ गए थे। उनके मोबाइल में लीक पेपर मिला था। न्यूज 18 के मुताबिक इस टीचर का पूरा नाम शिवराज मोटेगांवकर है और वह छात्रों के बीच ‘एम सर’ के नाम से मशहूर हैं। शिवराज मोटेगांवकर, रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक हैं। यह महाराष्ट्र में नीट और जेईई का सबसे बड़ा कोचिंग नेटवर्क है।
रविवार को हुआ गिरफ्तार
गौरतलब है कि सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर शहर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार को एजेंसी द्वारा ली गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र को लीक करने और प्रसारित करने में शामिल संगठित गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था। उन्होंने बताया कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल, 2026 को होने वाली नीट यूजी परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त कर लिए थे। आरोप है कि उसने प्रश्न पत्र कई लोगों को वितरित किए थे।
जांच के दायरे में कौन
सीबीआई के जांच के दायरे में विवेक पाटिल नाम का भी शख्स है, जिसके पास भी लीक पेपर पहुंचा था। अब केंद्रीय एजेंसी आरसीसी से जुड़े परिसरों से सीज किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों-मोबाइल फोन, लैपटॉप, आईपैड और डिजिटल स्टोरेज सिस्टम की फोरेंसिक जांच कर रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यहां पर लीक हुआ नीट पेपर किस तरह से पहुंचा। वहीं, जांचकर्ता इस पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस कोचिंग के इकोसिस्टम से जुड़े किसी शख्स की पहुंच कॉन्फिडेंशियल एग्जामिनेशन मैटीरियल में थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह एनटीए के पेपर सेटिंग प्रॉसेस से जुड़े किसी अंदरूनी व्यक्ति तक पहुंच रखता था।
खड़ा किया कोचिंग एंपायर
मोटेगांवकर ने आरसीसी को महाराष्ट्र में एक बड़ा कोचिंग ब्रांड बनाया। उन्होंने एक सफल केमिस्ट्री टीचर और एंटरप्रेन्योर के रूप में अपनी पहचान बनाई। जानकारी के मुताबिक आरसीसी का कोचिंग नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ है। इन सेंटर्स पर कुल मिलाकर करीब 40 हजार छात्र हर साल पढ़ाई करते हैं। सीबीआई पहले ही मोटेगांवकर से लातूर और पुणे में कई बार पूछताछ कर चुकी है। इसमें पूछताछ के कुछ सेशंस तो कई घंटे तक चले थे।
कुछ डॉक्टरों पर शक
इतना ही नहीं, सीबीआई ने रविवार को रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (आरसीसी) के मुख्य कार्यालय में छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अधिकारियों ने लातूर के शिवनगर इलाके में स्थित आरसीसी कार्यालय में दोपहर में तलाशी शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही। सीबीआई को संदेह है कि लातूर के कुछ डॉक्टरों ने नीट-यूजी, 2026 के कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र को खरीदा था। सीबीआई की एक टीम पिछले चार दिन से लातूर में डेरा डाले हुए है।




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