मेरी तो हवा निकल गई, महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए संसद में राहुल गांधी ने सुनाई एक कहानी
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहानी सुनाई कि एक दिन मेरे पैरेंट्स डिनर के लिए गए थे। इसी दौरान मेरी दादी मुझे साथ लेकर गईं और एक अंधेरे गार्डन में मुझे छोड़ दिया। फिर वह चली गईं। मुझे दूर से ही उनकी साड़ी दिख रही थी, लेकिन अंधेरे में मेरी तो हवा निकल गई।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाएं हमारी राष्ट्रीय सोच की एक प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी अपने जीवन में महिलाओं से प्रभावित हुए हैं, उनसे बहुत कुछ सीखा है और जाना है। इस दौरान, राहुल गांधी ने बचपन की एक कहानी सुनाई और और बताया कि कैसे वह अंधेरे से बहुत डरते थे और उनकी दादी इंदिरा गांधी ने उन्हें अंधेरे में छोड़ दिया था और इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी तो हवा निकल गई थी।
राहुल गांधी ने किस्सा सुनाते हुए कहा कि जब मैं छोटा बच्चा था, तब अंधेरे से बहुत डरता था। हमारे यहां एक कुत्ता था, जो मुझपर और बहन पर अटैक करता था, जिसकी वजह से हम लोग अंधेरे में गार्डन में जाने से डरते थे। एक दिन मेरे पैरेंट्स डिनर के लिए गए थे। इसी दौरान मेरी दादी मुझे साथ लेकर गईं और एक अंधेरे गार्डन में मुझे छोड़ दिया। फिर वह चली गईं। मुझे दूर से ही उनकी साड़ी दिख रही थी, लेकिन अंधेरे में मेरी तो हवा निकल गई। मुझे लगा कि आज तो मैं गया। मुझमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं अपनी दादी से कह सकूं कि यहां नहीं रुकना चाहता।
उन्होंने आगे कहा, ‘’वह पूरा वाकया दो से तीन मिनट का ही था, लेकिन मेरे लिए तो दो घंटे के बराबर था। फिर मैंने देखा कि मेरी दादी आ रही हैं। उन्होंने पूछा कि मैं किस बात से डर रहा था। मैंने कहा कि मैं उस डॉग से डर रहा था, जिसके बारे में पता तक नहीं कि वह आकर काट लेगा। मुझे उन चीजों से भी डर लग रहा था, जो वहां थी ही नहीं। इस पर दादी ने कहा कि तुम्हें अंधेरे से या किसी अन्य चीज से डर नहीं लग रहा था। डर तो वास्तव में तुम्हारे दिमाग के अंदर था।''
राहुल ने कहा कि दादी ने मुझसे कहा कि तुम्हें अंधेरे से नहीं डरना चाहिए, क्योंकि सच ज्यादातर अंधेरे में ही होता है और अगर अंधेरे में जाने की हिम्मत नहीं है तो तुम सच के लिए लड़ाई नहीं लड़ सकते। वह मेरी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण सबक था। यह सरकार भी ऐसे ही डरी हुई है। यह सरकार अंधेरे में जाना ही नहीं चाहती यानी समस्याओं से बच रही है। यदि आप समाधान चाहते हैं तो समस्याओं के पार जाना होगा। महिला आरक्षण बिल को इसी सदन ने 2023 में पारित किया था। तब इन लोगों का कहना था कि इसे 10 साल बाद लागू किया जाएगा। अब नया बिल लाया जा रहा है ताकि देश का इलेक्टोरल मैप ही बदला जाए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की बजाय परिसीमन के जरिए राजनीति की जा रही है। यदि सिर्फ महिला आरक्षण की बात हो तो विपक्ष का हर व्यक्ति समर्थन के लिए तैयार है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार जो कर रही है, वह देश-विरोधी काम से कम नहीं है। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे, पूरा विपक्ष इसे नाकाम करेगा। भाजपा अपनी ताकत कम होने से डरी हुई है, सरकार भारत के राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है। सरकार यह पक्का करने की कोशिश कर रही है कि अगले 15 सालों तक जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना न हो।




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