कांग्रेस ने दिया ममता बनर्जी को बहुत बड़े पद का ऑफर,अभिषेक बनर्जी को क्या मिलेगा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की दिल्ली यात्रा ने सियासी गलियारों में विलय की चर्चाओं को हवा दे दी है। खास बात है कि बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी बड़े संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। आइए विस्तार से जानते हैं।

कांग्रेस और टीएमसी में विलय हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर दोनों दल इनकार ही कर रहे हैं। बुधवार को राजधानी दिल्ली में हुई राजनीति के दो बड़े परिवारों के बीच मुलाकात ने ऐसी अटकलें तेज कर दी हैं। खास बात है इन चर्चाओं के बाद से ही कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई में भी असंतोष की खबरें हैं। अब तक किसी ने खुलकर विरोध दर्ज नहीं कराया है। वहीं, नेतृत्व ने भी कयासों पर चुप्पी साध रखी है।
कौन से पद मिलेंगे
एबीपी न्यूज की रिपोर्ट में कांग्रेस सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि ममता और अभिषेक को राष्ट्रीय स्तर के पदों की पेशकश की गई है। मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने ममता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक को कांग्रेस महासचिव पद की पेशकश की है। फिलहाल, इसे लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
कैसे होगा विलय?
सवाल यह भी है कि विलय कैसे होगा, क्योंकि TMC विधायक और सांसद स्तर पर दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। एक ओर जहां निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी दावा कर रहे हैं कि बागी हो चुके सदस्यों की संख्या 64 पर पहुंच चुकी है। वहीं, करीब 19 सांसद काकोकी घोष दस्तीदार की अगुवाई में अलग होने की योजना बना रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है कि टीएमसी के बागी गुट जल्द ही ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग का रुख कर सकते हैं और नाम और चिह्न की मांग कर सकते हैं।
उन्होंने विलय की अफवाहों को खारिज किया है। साथ ही कहा है कि जहां तक हमारी विधायी पार्टी की बात है, हम निश्चित रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं।
क्या हुई थी बात
राजनीतिक हलकों में इन मुलाकातों को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की तरफ से पार्टी विलय का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच विपक्ष को मजबूत करने और INDIA गठबंधन की भविष्य की रणनीति के साथ बंगाल की स्थिति पर चर्चा हुई है। खबरें है कि टीएमसी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व को भी स्वीकार कर लिया है।
दोनों दलों का रुख
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय एक अच्छी पहल हो सकती है। इससे तृणमूल कांग्रेस से विधायकों और सांसदों का पलायन रुक सकता है, पर यह प्रस्ताव टीएमसी की तरफ से आना चाहिए। हालांकि, पश्चिम बंगाल कांग्रेस का एक तबका इन संभावनाओं के खिलाफ है।




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