चिंता का विषय बनी हुई है LPG, लेकिन... संकट के बीच केंद्र सरकार ने कही बड़ी बात
सरकार ने यह भी कहा है कि देश में एलपीजी के घरेलू उत्पादन में पश्चिम एशिया संघर्ष के छिड़ने के बाद से अब तक 31 प्रतिशत वृद्धि हो चुकी है और इसका पर्याप्त भंडार है।
ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से एलपीजी को लेकर परेशानी आ रही है। इस बीच, शनिवार को केंद्र सरकार ने कहा कि एलपीजी इस समय चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर से स्टॉक खत्म होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। सरकार ने कहा कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग में तेजी से बढ़ोतरी हुई। सरकार ने बताया कि कच्चे तेल की सप्लाई पर्याप्त है और पेट्रोल व डीजल भी उपलब्ध है।
एनडीटीवी के अनुसार, मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''एलपीजी के लिए बहुत पैनिक बुकिंग हो रही है। तभी इसे बुक करें, जब सच में इसकी जरूरत हो।'' उन्होंने बताया कि 88 लाख पैनिक बुकिंग रिकॉर्ड की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की भी बुकिंग शुरू हो गई है। सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए विभिन्न राज्यों में छापे मारे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "13 मार्च को, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 1,300 से ज्यादा अचानक निरीक्षण किए। उत्तर प्रदेश में, 1,400 जगहों पर अचानक निरीक्षण किए गए।'' शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खाड़ी देशों से एलपीजी ले जा रहे भारत के झंडे वाले दो जहाज शनिवार सुबह सुरक्षित रूप से युद्ध प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर गए। शिपिंग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने पत्रकारों को बताया कि एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी अब गुजरात में मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि देश में एलपीजी के घरेलू उत्पादन में पश्चिम एशिया संघर्ष के छिड़ने के बाद से अब तक 31 प्रतिशत वृद्धि हो चुकी है और इसका पर्याप्त भंडार है। घरेलू उपभोक्तओं को घबराहट में बुकिंग करने की जरूरत नहीं है और न ही उन्हें वितरकों के पास लाइन लगाने की जरूरत है। सरकार ने अपील की है कि घरेलू उपभोक्ता सिलेंडर के लिए केवल आनलाइन तरीकों से ही बुकिंग करें और यदि संभव हो तो वे भी पीएनजी कनेक्शन लें।
विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न स्थित पर यहां नियमित मीडिया-ब्रीफिंग में ईंधन की आपूर्ति, खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय ध्वज वाले पोतों और नाविकों , क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी तथा उर्वरक आपूर्ति जैसे मुद्दों पर अद्यतन जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि देश में यूरिया सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकार किसानों को आश्वस्त करना चाहती है कि अगले कई महीने के लिए उनकी जरूरत के लिए देश में सभी महत्वूपूर्ण उर्वरकों का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।




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