बेंगलुरु, मुंबई समेत कई शहरों के होटलों में LPG सिलेंडरों की कमी, केंद्र सरकार क्या बोला
एसोसिएशन का कहना था कि यदि सप्लाई में कोई सुधार नहीं आया तो फिर मंगलवार से होटलों को बंद करना पड़ेगा। संस्था ने कहा कि होटल इंडस्ट्री एक जरूरी सेवा है। सामान्य लोग, छात्र और मेडिकल प्रोफेशनल्स भी होटल इंडस्ट्री पर भोजन के लिए निर्भर रहे हैं। यदि काम रुका तो इन सभी लोगों पर असर पड़ेगा।'

ईरान में चल रही जंग के चलते कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर भी भारत के शहरों में भी दिखने लगा है। बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नै जैसे शहरों में होटल और रेस्तरां इंजस्ट्री ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी पर चिंता जाहिर की है। होटल इंडस्ट्री ने इस मामले में केंद्र सरकार से सप्लाई दुरुस्त करने की मांग की है। इस पर केंद्र सरकार का भी जवाब आया है कि उसकी ओर से सभी ऑइल रिफाइनरीज को आदेश दिया गया है कि वे एलपीजी गैस के उत्पादन में इजाफा करें। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने से सप्लाई कमजोर हुई है। यही नहीं बीते शनिवार को तो एलीपीजी सिलेंडरों के दाम भी बढ़ गए थे।
घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ है। इसका अलावा कॉर्मशियल सिलेंडरों के दाम 115 रुपये बढ़ गए हैं। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सोमवार को कहा था कि यदि इसी तरह एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित रही तो फिर उद्योग पर असर होने लगेगा। एसोसिएशन का कहना था कि यदि सप्लाई में कोई सुधार नहीं आया तो फिर मंगलवार से होटलों को बंद करना पड़ेगा। संस्था ने कहा कि होटल इंडस्ट्री एक जरूरी सेवा है। सामान्य लोग, छात्र और मेडिकल प्रोफेशनल्स भी होटल इंडस्ट्री पर भोजन के लिए निर्भर रहे हैं। यदि काम रुका तो इन सभी लोगों पर असर पड़ेगा।'
होटल इंडस्ट्री का कहना है कि गैस सप्लाई सामान्य होने तक संकट की स्थिति बनी रहेगी। एसोसिएशन ने कहा कि गैस कंपनियों ने 70 दिनों तक निर्बाध सप्लाई की बात कही थी। ऐसे में उससे पहले ही अचानक सप्लाई का रुक जाना चिंता बढ़ाने वाला है। इंडस्ट्री ने कहा कि हम संबंधित मंत्रियों से मांग करते हैं कि वे इस मामले में जल्दी कदम उठाएं। कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिर से बेहतर की जाए। इससे होटल इंडस्ट्री में आया संकट थम सकेगा
चेन्नै के होटलों में शटडाउन की नौबत, शादियों पर भी असर
वहीं चेन्नै की होटल इंडस्ट्री का कहना है कि हमारे यहां संकट अधिक है। चेन्नै होटल एसोसिएशन का कहना है कि शहर में आईटी पार्क हैं, कॉलेज हैं और तमाम कारोबारी जगत के लोगों की विजिट होती हैं। इन सभी लोगों की भोजन और ठहराव को लेकर निर्भरता होटलों पर रहती है। यदि सिलेंडरों की सप्लाई ही नहीं रहेगी तो फिर हम कैसे संचालन कर पाएंगे। इसके अलावा शादी समारोह के लिए बैंक्वेट हॉल आदि में भी बड़े पैमाने पर सिलेंडरों की खपत होती है। अब इन संस्थाओं को भी चिंता सताने लगी है कि आखिर वे कैसे बुकिंग निपटाएंगे।




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