कुंभ की 'वायरल गर्ल' मोनालिसा के पति को HC से राहत, खुलकर समर्थन में उतरे वामपंथी नेता
कुंभ फेम मोनालिसा भोसले और उनके पति फरमान को केरल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मध्य प्रदेश में पिता द्वारा दर्ज कराए गए अपहरण के मामले में कोर्ट ने गिरफ्तारी पर 20 मई तक रोक लगा दी है।

केरल हाईकोर्ट ने 'कुंभ मेला फेम' मोनालिसा भोसले के पति मोहम्मद फरमान खान को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। यह राहत उस अपहरण के मामले में दी गई है, जो कथित तौर पर मोनालिसा के पिता द्वारा मध्य प्रदेश में दर्ज कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोनालिसा नाबालिग हैं और फरमान ने उनका अपहरण किया है। इस बीच वामपंथी नेताओं ने खुलकर मोनालिसा का समर्थन किया है साथ ही भाजपा पर भी निशाना साधा है। आइए पूरा मामला समझते हैं।
क्या है इस जोड़े का दावा?
पिछले महीने केरल हाईकोर्ट में दायर अपनी संयुक्त याचिका में, इस जोड़े ने स्पष्ट किया कि मोनालिसा इस साल (2026) जनवरी में 18 साल की हो गई थी। उसका कहना है कि मार्च में जब उसने फरमान से शादी की, तब वह पूरी तरह से बालिग थी। इसी आधार पर, जोड़े ने अपनी शादी को लेकर दर्ज हो सकने वाले किसी भी मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। उन्हें इस बात का डर था कि मध्य प्रदेश में दर्ज कथित अपहरण के मामले में पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
अदालत की कार्यवाही और आदेश
जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने 23 मार्च को याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने दस्तावेजों का संज्ञान लेते हुए कहा कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि दोनों ने शादी की है और अब वे पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- दस्तावेज से पता चलता है कि आवेदकों ने 11 मार्च 2026 को शादी की है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, अगली सुनवाई तक आवेदकों को गिरफ्तार न करने का आदेश दिया जाता है।
8 अप्रैल को हुई सुनवाई में अदालत ने गिरफ्तारी से मिली इस सुरक्षा को 20 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। 20 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होगी। अदालत ने यह कदम वरिष्ठ लोक अभियोजक के उस बयान के बाद उठाया, जिसमें उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में कोई जवाब या रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
मोनालिसा भोसले कौन है और कैसे शुरू हुआ विवाद?
मोनालिसा भोसले पिछले साल (2025) कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई थी। मेले में मनके बेचते हुए उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद अपनी सादगी और आकर्षक व्यक्तित्व के कारण वह रातों-रात मशहूर हो गई थी।
इस जोड़े के अनुसार, उनकी मुलाकात एक मलयालम फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी। दोनों के बीच प्यार हुआ और 11 मार्च को उन्होंने केरल में शादी कर ली। मीडिया में इस शादी की काफी चर्चा हुई थी।
विवाद का कारण (उम्र और अंतर-धार्मिक विवाह)
उनके इस अंतर-धार्मिक विवाह ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। कुछ वर्गों और मोनालिसा के पिता ने दावा किया कि मोनालिसा की उम्र अभी केवल 16 वर्ष है और इसलिए वह कानूनी तौर पर शादी करने के योग्य नहीं हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने भी कथित तौर पर जांच शुरू कर दी है। इस बात को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं कि क्या यह शादी अवैध है और क्या इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत आरोप लगाए जा सकते हैं।
बचाव में पेश किए गए सबूत
गिरफ्तारी की आशंका के बीच केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले इस जोड़े ने अपनी उम्र और शादी को वैध साबित करने के लिए कई अहम दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखे हैं। इनमें शामिल हैं:
- केरल विवाह पंजीकरण (सामान्य) नियम, 2008 के तहत जारी उनका विवाह प्रमाण पत्र।
- मोनालिसा के 18 वर्ष का होने का प्रमाण देने के लिए उनका जन्म प्रमाण पत्र
- मोनालिसा का आधार कार्ड।
याचिका में एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही गई है कि मोनालिसा के परिवार ने शुरुआत में इस शादी के लिए अपनी सहमति दे दी थी, लेकिन बाद में परिवार के ही एक रिश्तेदार के प्रभाव में आकर उन्होंने इस शादी का विरोध करना शुरू कर दिया। फिलहाल, 20 मई तक अदालत के आदेश से जोड़े को राहत मिली हुई है और मध्य प्रदेश पुलिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
मोनालिसा भोसले विवाद के पीछे राजनीति है- CPI महासचिव बिनॉय बिस्वाम
भाकपा (CPI) के महासचिव बिनॉय बिस्वाम ने शनिवार को कहा था कि मोनालिसा भोसले की शादी से जुड़े विवाद के पीछे एक स्पष्ट राजनीतिक मकसद है। पिछले महीने मोनालिसा की शादी के बाद, वामपंथी नेताओं ने नवविवाहित जोड़े से मुलाकात की थी और उनकी कहानी को द रियल केरल स्टोरी करार दिया था।
आधार कार्ड और उम्र विवाद पर प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिस्वाम ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों के सामने पेश किए गए आधार कार्ड के आधार पर ही इस विवाह को कानूनी मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई नई जानकारी सामने आती है, तो उसकी उचित तरीके से जांच होनी चाहिए। मोनालिसा के नाबालिग होने के आरोपों पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा- इन सबके पीछे पूरी तरह से राजनीति है। आप लोग इसे भूल सकते हैं, लेकिन हम नहीं भूलेंगे।




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