वेणुगोपाल VS सतीशन की रेस में छूटे पसीने, केरल का सीएम चुनने को कांग्रेस हाईकमान ने मांगा और वक्त
यही नहीं वीडी सतीशन के लिए तो केरल में कई स्थानों पर प्रदर्शन भी हुए हैं। फिलहाल लीडरशिप एक या दो दिन का वक्त और चाहता है ताकि अलग-अलग गुटों से बैठकर बात की जा सके। केरल में मुख्यमंत्री की रेस में अब दो ही दावेदार रह गए हैं, राहुल गांधी के करीबी कहे जाने वाले केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन।

एफपांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे। तब से अब तक तमिलनाडु और बंगाल में नए मुख्यमंत्रियों ने शपथ ले ली है और असम में भी फैसला लगभग हो चुका है। लेकिन एकमात्र केरल में जीत हासिल करने वाली कांग्रेस यहां भी मुख्यमंत्री नहीं चुन पा रही है। बीते सप्ताह बुधवार को तिरुअनंतपुरम में बैठक हुई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया था। अब भी बात जस की तस अटकी है और हाईकमान के भी पसीने छूट रहे हैं। अब केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सीएम चुनने के लिए कुछ और वक्त मांग लिया है। केरल में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को एक गुट सीएम देखना चाहता है। वहीं केरल की ही राजनीति लंबे समय से कर रहे वीडी सतीशन भी दावेदार हैं।
यही नहीं वीडी सतीशन के लिए तो केरल में कई स्थानों पर प्रदर्शन भी हुए हैं। फिलहाल लीडरशिप एक या दो दिन का वक्त और चाहता है ताकि अलग-अलग गुटों से बैठकर बात की जा सके। जानकारी मिल रही है कि केरल में मुख्यमंत्री की रेस में अब दो ही दावेदार रह गए हैं, राहुल गांधी के करीबी कहे जाने वाले केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन। हालात ऐसे हो गए हैं कि दोनों नेताओं के बीच ऐसी रेस है कि जगह-जगह कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। यही वजह है कि लीडरशिप की ओर से भी सावधानी बरती जा रही है। हाईकमान नहीं चाहता है कि केरल में उसकी सरकार बनते ही कोई झंझट हो और तनाव की स्थिति बने।
केसी वेणुगोपाल को हाईकमान का करीबी माना जाता है। केरल के विधायकों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो वेणुगोपाल के समर्थन में हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता है कि वह हाईकमान के करीबी हैं और भविष्य में टिकट आदि दिलाने में मदद करने की स्थिति में हैं। वहीं केरल के संगठन के लोग वीडी सतीशन के पक्ष में हैं। वह केरल में नेता विपक्ष रहे हैं तो उनकी स्थानीय राजनीति पर पकड़ भी मजबूत है। इसके अलावा केरल कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग भी सतीशन के ही पक्ष में हैं। शनिवार को एक मीटिंग हाईकमान ने दिल्ली में की थी। इस बैठक में सतीशन मौजूद थे। इसके अलावा रमेश चेन्निथला और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ मौजूद थे।
यूडीएफ के पास 102 विधायक, फिर कहां अटकी है बात
बता दें कि केरल जाकर मुकुल वासनिक और अजय माकन ने कांग्रेस के 63 विधायकों से मुलाकात की थी। उन्होंने विधायकों से अलग-अलग बात भी की थी। कहा जा रहा है कि भले ही विधायकों का नंबर वेणुगोपाल के साथ है, लेकिन संगठन और काडर का समर्थन सतीशन के नाम पर ही है। बता दें कि वेणुगोपाल विधायक भी नहीं हैं और वह अलपुझा से सांद हैं। फिर भी उनकी महत्वाकांक्षा सीएम बनने की है। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने राज्य में कुल 102 सीटें हासिल की हैं। वहीं केरल में विधानसभा सीटों की कुल संख्या ही 140 है।




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