हालात पर नजर, अमेरिका-ईरान टेंशन के बीच क्या बोला भारत; कैसा है माहौल
अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच भारत का बयान आया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहाकि हालात पर हमारी नजर है। हम ईरान में रहे भारतीयों से लगातार संपर्क में हैं। वहां के भारतीय समुदाय से हमारी लगातार बातचीत हो रही है।

अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच भारत का बयान आया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहाकि हालात पर हमारी नजर है। हम ईरान में रहे भारतीयों से लगातार संपर्क में हैं। वहां के भारतीय समुदाय से हमारी लगातार बातचीत हो रही है। बता दें कि ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत ने कहा है कि तेहरान किसी भी अमेरिकी सैन्य हमले का निर्णायक जवाब देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यह पत्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हाल के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के धमकियों की निंदा करने का आग्रह करते हुए लिखा।
क्या बोले इरवानी
ईरान के संयुक्त राष्ट्र दूत अमीर सईद इरवानी ने कल परिषद के सदस्यों और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस से कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से ट्रंप के हालिया धमकी का उल्लेख किया। इस धमकी में उन्होंने भारतीय महासागर में चागोस द्वीप समूह में स्थित एक हवाई अड्डे का उपयोग ईरान पर संभावित हमले के लिए करने की बात कही थी। इरवानी ने लिखा कि क्षेत्र में अस्थिर स्थिति और संयुक्त राज्य द्वारा लगातार सैन्य उपकरणों और संसाधनों की तैनाती और संचलन को देखते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिया गया ऐसा आक्रामक बयान केवल भाषण नहीं माना जाना चाहिए।
हम युद्ध नहीं चाहते लेकिन
ईरानी राजदूत ने यह जोर दिया कि उनका देश न तो तनाव चाहता है और न ही युद्ध। हम युद्ध शुरू भी नहीं करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी कहाकि अगर ईरान पर हमला किया गया तो वह क्षेत्र में शत्रु सेना के सभी बेस, सुविधाएं और संपत्तियों को टारगेट मानेगा।
इरावानी ने लिखा कि क्षेत्र में अस्थिर स्थिति और अमेरिका द्वारा सैन्य उपकरण और संपत्तियों की लगातार आवाजाही और निर्माण को देखते हुए, अमेरिका के राष्ट्रपति का ऐसा लड़ाकू बयान केवल बयान नहीं माना जाना चाहिए।
ट्रंप ने क्या कहा था
इससे पहले एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए, ट्रंप ने कहाकि अधिक से अधिक 10-15 दिन, या तो हम समझौता कर लेंगे या यह उनके लिए बुरा होगा। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें 10 दिनों के अंदर पता चल जाएगा कि ईरान के साथ समझौता मुमकिन है या नहीं। उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में कहाकि हमें इसे एक कदम और आगे ले जाना पड़ सकता है, या शायद नहीं भी।
पिछले साल जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों का जिक्र करते हुए, ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। अगर उनके पास परमाणु हथियार हैं तो आप पश्चिम एशिया में शांति नहीं ला सकते।
ट्रंप ने कहाकि अब ईरान के लिए हमारे साथ उस रास्ते पर चलने का समय है, जो हम कर रहे हैं, उसे पूरा करे।अगर वे हमारे साथ आते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा। अगर वे हमारे साथ नहीं आते हैं, तो भी यह बहुत अच्छा होगा। लेकिन यह एक बहुत अलग रास्ता होगा। वे पूरे इलाके की स्थिरता को खतरा नहीं पहुंचा सकते।




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