सिद्धारमैया ने इस्तीफा देकर कर दी बड़ी डिमांड, कर्नाटक में बेटे के लिए मांगा डिप्टी CM का पद
इससे पहले शुक्रवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। सिद्धारमैया ने गुरूवार को कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब सिद्धारमैया ने बड़ी डिमांड रख दी है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने अपने बेटे और MLC यतींद्र सिद्धारमैया को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग रख दी है। गौरतलब है कि एक दिन पहले गुरुवार को ही सिद्धारमैया ने CM पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को राज्यपाल ने थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके बाद राज्य में डी के शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने जा रास्ता साफ हो गया है।
इस बीच न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में नई सरकार के गठन और नए मुख्यमंत्री के नाम को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के सामने अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह दांव चला है। सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने बैठक में साफ कहा है कि नई सरकार में उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री का पद मिलना ही चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व को यह भी बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.जे. जॉर्ज और जी. परमेश्वर ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। जानकारी के मुताबिक इन दोनों नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की डिमांड की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें की है। शुक्रवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके घर पर मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे, के.जे. जॉर्ज और उनके बेटे यतींद्र भी मौजूद थे। इससे पहले सिद्धारमैया ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया और राहुल गांधी से भी मुलाकात की।
शिवकुमार ने शेयर किया भावुक पोस्ट
इस बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और जल्द ही मुख्यमंत्री बनने वाले डी के शिवकुमार ने शुक्रवार को सिद्दारमैया को लेकर एक भावुक पोस्ट किया है। पोस्ट में उन्होंने सिद्धारमैया को ताकत का एक स्तंभ बताया है। शिवकुमार ने सिद्दारमैया के मैसूर के गांव से निकलकर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने के सफर को जूनून और समाज के प्रति प्रतिबद्धता के सबसे बेहतरीन उदाहरणों में से एक बताया। उन्होंने लिखा, “जब से 2020 में मुझे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी, तब से सिद्धारमैया जी एक मजबूत स्तंभ की तरह मेरे साथ खड़े रहे हैं।”
इस्तीफा देकर क्या बोले सिद्धारमैया?
इससे पहले कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए शिवकुमार के साथ जारी खींचतान पर पूर्ण विराम लगाते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया। सिद्धरमैया ने लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। यहां सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने पार्टी के कहने पर यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा, ''मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा, ''मैंने बार-बार कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया।''
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा का टिकट देने की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने विनम्रता से इसे अस्वीकार कर दिया। सिद्धारमैया ने कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते रहेंगे और कर्नाटक में सक्रिय राजनीति से जुड़े रहना चाहेंगे। सिद्धरमैया ने कहा, "आलाकमान ने मुझे राज्यसभा जाने के लिए कहा था। मैंने विनम्रतापूर्वक इसे अस्वीकार कर दिया। मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं राज्य की राजनीति में ही रहूंगा। जनता ने मुझे पांच साल के लिए चुना है और अभी दो साल बाकी हैं। तब तक मैं कर्नाटक की जनता और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करूंगा।"




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