Jammu Kashmir Police busted major international online investment scam involving crores 209 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, MBBS डाक्टर समेत 9 लोग गिरफ्तार, India News in Hindi - Hindustan
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209 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, MBBS डाक्टर समेत 9 लोग गिरफ्तार

बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से क्यूआर कोड जेनरेट कर फेक वेबसाइट्स पर अपलोड किए जाते थे। टेलीग्राम चैनलों के जरिए नए-नए क्यूआर कोड अपलोड होते रहते थे। किसी अकाउंट के फ्रीज होने पर तुरंत नया क्यूआर कोड जोड़ दिया जाता।

Tue, 17 Feb 2026 12:54 AMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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209 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, MBBS डाक्टर समेत 9 लोग गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें कुल 209 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यह घोटाला गंदरबल के सफापोरा निवासी फिरदौस अहमद मीर की शिकायत पर दर्ज FIR के आधार पर उजागर हुआ। पुलिस ने एसएसपी गंदरबल खलील अहमद पॉसवाल के निर्देशन में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया, जिसमें साइबर विशेषज्ञ शामिल थे। जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश वेबसाइट्स और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाए, जहां उच्च रिटर्न का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता था। धोखाधड़ी का यह नेटवर्क ट्रांसनेशनल था, जिसमें चीन और फिलीपींस जैसे देशों के लिंक शामिल थे। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा का एक एमबीबीएस डॉक्टर एकांत योगदत्त (उर्फ डॉ. मॉर्फिन) मुख्य हैंडलर है।

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घोटाले का तरीका काफी सुनियोजित था। फ्रॉडस्टर्स ने फेक कॉइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाए और सोशल मीडिया पर प्रचार किया। निवेशकों से पैसे लेकर उन्हें स्थानीय बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था, मुख्य रूप से बडगाम, श्रीनगर, गंदरबल और बारामूला इलाकों में। ये खाते गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के लोगों के होते थे, जिन्हें प्रति माह 8000-10000 रुपये देकर अकाउंट और एटीएम कार्ड इस्तेमाल करने के लिए लुभाया जाता था। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से क्यूआर कोड जेनरेट कर फेक वेबसाइट्स पर अपलोड किए जाते थे। टेलीग्राम चैनलों के जरिए नए-नए क्यूआर कोड अपलोड होते रहते थे। जब किसी अकाउंट पर ज्यादा ट्रांजेक्शन होने या शिकायत आने पर साइबर सेल उसे फ्रीज कर देता, तो तुरंत नया क्यूआर कोड जोड़ दिया जाता। पैसे को कई लेयर में ट्रांसफर कर जम्मू-कश्मीर से बाहर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजा जाता था, ताकि ट्रेल छिप जाए। पुलिस ने 835 बैंक अकाउंट्स की डिटेल्स इकट्ठा कीं और 290 अकाउंट्स के ट्रांजेक्शन वेरीफाई किए, जिसमें 209 करोड़ रुपये की राशि निवेशकों से प्राप्त हुई। पूरी जांच के बाद यह राशि 400 करोड़ से अधिक होने की आशंका है।

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मुख्य आरोपी के बारे में क्या पता चला

मुख्य आरोपी एकांत योगदत्त हरियाणा के हिसार का निवासी है, जिसने फिलीपींस में MBBS की पढ़ाई के दौरान साइबर फ्रॉड की तकनीकें सीखीं और चीनी नागरिकों से संपर्क बनाया। पुलिस ने उसे चीन से लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। बाकी 8 आरोपी कश्मीर के विभिन्न इलाकों से हैं, जिनमें रीजनल हेड्स, अकाउंट मोबिलाइजर्स और बैंक कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की, बैंक रिकॉर्ड्स इकट्ठा किए और सबूत जुटाए। जांच में पता चला कि यह गिरोह गरीबों के बैंक अकाउंट्स को एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहा था।

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पुलिस ने सतर्क रहने की अपील की

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है कि उच्च रिटर्न वाले फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म से दूर रहें और अपना बैंक अकाउंट किसी को किराए पर न दें। पीड़ितों को साइबरक्राइम.gov.in पर या टोल-फ्री नंबर 1039 पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है। जांच जारी है, जिसमें मनी ट्रेल ट्रेस कर आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। यह मामला साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को दर्शाता है, जहां शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी ऐसे रैकेट में शामिल हो रहे हैं।