India-Bangladesh talks illegal and forced border crossings discussed BSF meeting अवैध घुसपैठ और तस्करों की खैर नहीं, भारत-बांग्लादेश के बीच हाई लेवल मीटिंग में क्या हुआ, India News in Hindi - Hindustan
More

अवैध घुसपैठ और तस्करों की खैर नहीं, भारत-बांग्लादेश के बीच हाई लेवल मीटिंग में क्या हुआ

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई पश्चिम बंगाल सरकार ने घोषणा की है कि वह अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। ऐसे लोगों के खिलाफ 3डी (डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट) कार्रवाई की जाएगी।

Fri, 12 June 2026 09:05 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
अवैध घुसपैठ और तस्करों की खैर नहीं, भारत-बांग्लादेश के बीच हाई लेवल मीटिंग में क्या हुआ

भारत और बांग्लादेश के बीच चार दिवसीय महानिदेशक (DG) स्तर की वार्ता हुई। इस दौरान सीमा पर होने वाली मौतों व अवैध, अनजाने और जबरन सीमा पार करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। यह वार्ता नई दिल्ली में 11 जून को समाप्त हुई। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। इन वार्ताओं के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी के नेतृत्व में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आया था। भारत का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने किया। यहां बीएसएफ मुख्यालय में आठ से 11 जून के बीच द्विवार्षिक डीजी-स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन का 57वां संस्करण आयोजित किया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, बाल-बाल बचे RSS चीफ मोहन भागवत; एक हिरासत में

बीएसएफ के बयान में कहा गया, 'दोनों पक्षों ने मादक पदार्थों, हथियारों, नकली मुद्रा, सोने और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी, सीमा पार अवैध गतिविधियों व मानव तस्करी जैसे अपराधों को प्रभावी ढंग से रोकने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।' इसमें कहा गया कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने सीमा पर होने वाली मौतों, अवैध/अनजाने/जबरन सीमा पार करने की घटनाओं, सीमा संरचना के निर्माण, सीमा प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन, विश्वास बहाली उपायों व सीमा पर उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया।

बंगाल में नई सरकार के के बाद पहली बैठक

यह बैठक इसलिए भी अहम रही क्योंकि इस वर्ष की शुरुआत में ढाका में बीएनपी सरकार के सत्ता में आने और पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के चुने जाने के बाद यह पहली ऐसी बैठक थी। भारत-बांग्लादेश की कुल 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से 2,216 किलोमीटर से अधिक हिस्सा पश्चिम बंगाल में पड़ता है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई पश्चिम बंगाल सरकार ने घोषणा की है कि वह अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसे लोगों के खिलाफ 3डी (डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट) कार्रवाई की जाएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:प्रणीत मोरे के शो में शव का मजाक उड़ाना पड़ा भारी, सेजल पवार के खिलाफ जांच शुरू

बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने सीमा पर शांति, सौहार्द और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही गश्त को और मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने, वास्तविक समय में सूचनाओं के आदान-प्रदान में सुधार करने और सीमा-पार आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त प्रयास तेज करने पर सहमति जताई। इसमें कहा गया कि बैठक सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और भविष्य उन्मुख वातावरण में आयोजित हुई, जो दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और पारस्परिक विश्वास को दर्शाती है।

अवैध गतिविधियों को रोकने पर चर्चा

अंतरराष्ट्रीय सीमा की शुचिता के प्रति सीमा क्षेत्र की आबादी को जागरूक करने व सीमा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए जन-जागरुकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बयान के अनुसार, दोनों पक्ष सम्मेलन के परिणामों से संतुष्ट दिखाई दिए और सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण सीमाओं के हित में सहयोग, आपसी विश्वास और पेशेवर सहभागिता को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भाजपा के कई सांसदों के फोन आए, मैं झुकने वाला नहीं; कीर्ति आजाद ने भरी हुंकार

दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि इन चर्चाओं से भारत और बांग्लादेश के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध और मजबूत होंगे। संभवतः इन वार्ताओं के इतिहास में यह पहली बार था कि वार्ता के अंतिम दिन (11 जून को) संयुक्त चर्चा अभिलेख पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों बलों के महानिदेशकों की पारंपरिक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित नहीं की गई। सम्मेलन का अगला दौर नवंबर में ढाका में आयोजित होने की संभावना है, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश जाएगा।