LPG संकट के बीच गुड न्यूज, भारतीय नौसेना होर्मुज से निकाल लाई 2 और जहाज; ईरान कैसे माना
रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर अमेरिका से LPG लेकर जहाज पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि 'पिक्सिस पायनियर' नामक यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के 'पोर्ट ऑफ नीदरलैंड' से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन LPG लाई गई है।

LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस संकट के मोर्चे पर भारत को बड़ी राहत मिलने के आसार हैं। खबर है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो और भारतीय जहाज निकल रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इससे पहले शिवालिक और नंदा जहाज भारत LPG लेकर आए थे। वहीं, हाल ही में एक अमेरिकी जहाज भी मंगलरु बंदरगाह पहुंचा है।
न्यूज18 की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जग वसंत और पाइन गैस जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल गए हैं। सोमवार को सुबह स्ट्रेट से निकले ये जहाज फिलहाल अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हैं और किसी भी समय भारत पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से मंजूरी के बाद ये जहाज भारत की ओर रवाना हुए हैं।
भारतीय नौसेना का कमाल
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इस मंजूरी को हासिल करने में भारतीय नौसेना ने बड़ी भूमिका निभाई है। नौसेना ने ईरानी अधिकारी से बातचीत कर दोनों जहाजों को रवाना कराया। कहा जा रहा है कि IRGC में फैसले लिए जाने में काफी देर हो रही है और ईरान के सीनियर लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद प्रक्रिया और प्रभावित हुई है।
भारत पर पड़ा है असर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारतीय कंपनियों को माल की ढुलाई में देरी से लेकर जरूरी कच्चे माल की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने रविवार को कहा कि वैश्विक व्यापार पर निर्भर कई क्षेत्रों में दबाव बढ़ रहा है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने बयान में कहा कि इस संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों में रुकावट आ रही है और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिसका असर अब कंपनियों पर दिखने लगा है।
भारतीय पोत पर अमेरिकी और रूसी जहाज पहुंचे
रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर अमेरिका से LPG लेकर जहाज पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि 'पिक्सिस पायनियर' नामक यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के 'पोर्ट ऑफ नीदरलैंड' से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन LPG लाई गई है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स को उतारा जाएगा। खास बात है कि यह जहाज एक दिन के भीतर बंदरगाह पहुंचने वाले रूसी जहाज 'एक्वा टाइटन' के बाद आया है।
PNG और CNG पर सरकार का फोकस
सरकार ने गैस वितरण को बेहतर करने और सप्लाई को लेकर आए दबाव को कम करने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। इसके तहत शहरों में पाइपलाइन गैस परियोजनाओं (CNG/PNG) के आवेदन तेजी से निपटाने और प्रमुख क्षेत्रों को वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, ताकि घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा किया जा सके।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने अपने कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे शहर गैस वितरण (CGD) के सभी आवेदन केवल 10 दिनों में निपटाएं। इसका मकसद पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की व्यवस्था को तेजी से शुरू करना है।
बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक LPG उपभोक्ताओं को भी LPG पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत PNG पर शिफ्ट करने की सलाह दी गई है। बयान के अनुसार, घरेलू LPG की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, वितरकों के पास गैस की कमी की कोई सूचना नहीं है और देशभर में वितरण सामान्य रूप से हो रहा है। साथ ही, अधिकांश आपूर्ति वितरण प्रमाणीकरण कोड के माध्यम से की जा रही है और पहले जैसी अचानक खरीदारी की स्थिति अब कम हो गई है।




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