महिला आरक्षण की राह में बड़ा अड़ंगा, INDIA गठबंधन संसद में करेगा विरोध; क्या बोला?
Women’s Reservation Bill: बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विधेयक लाने के सरकार के तरीके और बिल लाने की टाइमिंग का विरोध करते हैं, जो राजनीति से प्रेरित है।

Women’s Reservation Bill : कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन INDI अलायंस ने महिला आरक्षण के लिए संसद में आने वाले संशोधन बिल पर अड़ंगा लगा दिया है। गठबंधन ने बुधवार को स्पष्ट किया कि संसद में आने वाले महिला आरक्षण संशोधन बिल का विरोध किया जाएगा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है बल्कि बिल लाने के तरीके और उसकी टाइमिंग का विरोध कर रहे हैं। गठबंधन के नेताओं ने नई दिल्ली में हुई एक बैठक के बाद यह फैसला लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जिस तरीके से इस बिल को पेश किया गया है, उसे लेकर पार्टियों को आपत्तियां हैं।
बैठक के बाद खरगे ने कहा, "हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विधेयक लाने के सरकार के तरीके का विरोध करते हैं, जो राजनीति से प्रेरित है।" उन्होंने आगे कहा, “हम एकजुट हैं, हमने परिसीमन संबंधी विधेयक का विरोध करने का फैसला किया है।” इससे पहले विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने खरगे के आवास पर महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर साझा रणनीति को लेकर चर्चा की। मल्लिकार्जुन खरगे ने यह बैठक अपने आवास '10 राजाजी मार्ग' पर दोपहर तीन बजे बुलाई थी।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश, द्रमुक नेता टी. आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत एवं अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं
बैठक के बाद खरगे ने संवाददाताओं से कहा, "हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं, लेकिन यह जिस तरह से लाया गया है, उसको लेकर आपत्ति है। उन्होंने कहा, "हमने फैसला किया है कि हम इस विधेयक (परिसीमन) का विरोध करेंगे। जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी दल चाहते हैं कि 2029 से महिला आरक्षण लागू हो, लेकिन वे परिसीमन के प्रावधानों का पूरी तरह विरोध करेंगे। इस बैठक में शामिल विपक्षी दलों ने भी कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन विधेयक का एकजुट होकर विरोध करेंगे। विपक्षी दलों संग बैठक से पहले, कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने इन विधेयकों को लेकर अलग से चर्चा की।
बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा
बता दें कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।




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