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तेल से डॉलर तक बज रही खतरे की घंटी, बड़े झटके के लिए तैयार हैं हम? आंकड़े खोल रहे राज

मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के अंदर दो बार देशवासियों से फ्यूल कम खर्च करने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने सोने की अनावश्यक खरीदारी रोकने, घर से काम करने और विदेश यात्राएं स्थगित करने जैसे उपायों का भी सुझाव दिया है।

Mon, 11 May 2026 09:38 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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तेल से डॉलर तक बज रही खतरे की घंटी, बड़े झटके के लिए तैयार हैं हम? आंकड़े खोल रहे राज

मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के अंदर दो बार देशवासियों से फ्यूल कम खर्च करने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने सोने की अनावश्यक खरीदारी रोकने, घर से काम करने और विदेश यात्राएं स्थगित करने जैसे उपायों का भी सुझाव दिया है। ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने और महंगाई बढ़ने के बीच यह आह्वान किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष तेल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। बढ़ती तेल कीमतों के कारण भारत सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है। अमेरिका द्वारा ईरान के नए शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद स्थिति और अस्थिर होती दिख रही है।

पीएम की अपील के बाद रक्षा मंत्री की बैठक

प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने IGOM की अहम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आश्वासन दिया गया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों का संरक्षण जरूरी है। अन्य देश पहले ही घरेलू खपत कम करने के आपातकालीन कदम उठा चुके हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा घरेलू एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध जारी है। पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ 26 लाख एलपीजी सिलेंडर घरों तक पहुंचाए गए, जबकि बुकिंग 1 करोड़ 14 लाख रही। व्यावसायिक एलपीजी की बिक्री भी 17000 टन से अधिक दर्ज की गई।

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देश के पास कितना ईंधन स्टॉक?

बयान के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों का प्राकृतिक गैस और 45 दिनों का एलपीजी भंडार है। पश्चिम एशिया युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी अस्थिरता है। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां युद्ध शुरू हुए 70 दिन बीतने के बावजूद पेट्रोलियम कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की अनुदान राशि वसूल नहीं हो पाई है।

विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए एक साल तक विदेशी छुट्टियां, डेस्टिनेशन वेडिंग और गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने की सलाह दी। दरअसल, पिछले 10 हफ्तों में आयात बिल बढ़ने और वैश्विक अनिश्चितता के कारण करीब 1 लाख करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा भंडार घट गया है। वर्तमान में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर है, जो फरवरी 2026 के रिकॉर्ड उच्च स्तर 728.5 अरब डॉलर से कम है। वित्त वर्ष 2025-26 में स्वर्ण आयात रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 58 अरब डॉलर से 24 प्रतिशत अधिक है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री का तेल खपत और सोने की खरीदारी पर जोर डॉलर को नियंत्रित करने का प्रयास है।

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उर्वरक आपूर्ति पर चिंता

प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। इससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। आईजीओएम को बताया गया कि उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत है और आपूर्ति मांग से अधिक है। खरीफ मौसम के लिए कुल जरूरत 390.54 लाख मीट्रिक टन है, जबकि देश के पास 199.65 लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर से 51 प्रतिशत अधिक है। घरेलू उत्पादन 1 मार्च के 76.78 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10 मई को 92.01 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस वर्ष उर्वरक बिक्री 71.19 लाख मीट्रिक टन रही, जो पिछले साल से 19.35 प्रतिशत ज्यादा है।

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