If Iran can impose toll at Hormuz then why not India Ajay Bagga demands toll tax collection in Indian Ocean जब ईरान होर्मुज में तो हम क्यों नहीं? हिन्द महासागर में भारत भी वसूले टोल, दिग्गज बैंकर की मांग, India News in Hindi - Hindustan
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जब ईरान होर्मुज में तो हम क्यों नहीं? हिन्द महासागर में भारत भी वसूले टोल, दिग्गज बैंकर की मांग

Hormuz Toll Update:  अजय बग्गा ने लिखा है कि भारत को भी अपनी नौसेना अंडमान के दक्षिण में तैनात करनी चाहिए और हिंद महासागर से गुजरने वाले सभी जहाजों पर टोल लगाना शुरू कर देना चाहिए।

Thu, 9 April 2026 04:29 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जब ईरान होर्मुज में तो हम क्यों नहीं? हिन्द महासागर में भारत भी वसूले टोल, दिग्गज बैंकर की मांग

Hormuz Toll Update: चालीस दिनों की जंग के बाद भले ही ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम पर सहमति बन गई हो लेकिन इसकी आड़ में ईरान अब होर्मुज समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों से टोल वसूलने पर आमादा हो बैठा है। ईरान की योजना है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से कम से कम एक डॉलर प्रति बैरल की दर टोल वसूले। ईरान का दावा है कि सीजफायर में भी इस शर्त का उल्लेख किया गया था। यानी टोल के बहाने ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण चाह रहा है।

दूसरी तरफ, भारत में भी अब इसी तरह की मांग उठने लगी है। एक बड़े बैंकर, मार्केट एक्सपर्ट और इन्वेस्टर ने ये मांग उठाई है और कहा है कि जब ईरान होर्मुज स्ट्रेट में टोल वसूल सकता है तो भारत क्यों नहीं ऐसा कर सकता है। नामी बैंकर और कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पूर्व CEO अजय बग्गा ने कहा है कि भारत को भी हिन्द महासागर में दक्षिणी अंडमान के करीब से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने ईरान के टोल वसूली प्लान पर नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे पूरी दुनिया में एक खतरनाक चलन शुरू हो सकता है।

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अजय बग्गा ने क्या कहा?

बग्गा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, “ईरान को होर्मुज़ समुद्री मार्ग में टोल लगाने की अनुमति मिलने से एक ऐसी मिसाल कायम हो सकती है, जिसके आधार पर सिंगापुर मलक्का स्ट्रेट में या तुर्की बोस्फोरस स्ट्रेट में टोल लगाना शुरू कर सकता है। भारत को भी अपनी नौसेना अंडमान के दक्षिण में तैनात करनी चाहिए और हिंद महासागर से गुजरने वाले सभी जहाजों पर टोल लगाना शुरू कर देना चाहिए। नियम-आधारित व्यवस्था यह थी कि मानव-निर्मित पनामा और स्वेज़ नहरें ही शुल्क वसूल करेंगी जबकि प्राकृतिक जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों द्वारा संचालित होते थे, जो सभी के लिए मुक्त पहुंच और आवागमन सुनिश्चित करते थे। अब इस व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है।”

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पाकिस्तान में तो लॉकडाउन सी स्थिति

बता दें कि होर्मुज समुद्री मार्ग से अब तक दुनिया भर के जहाज बिना कोई शुल्क दिए बेरोक-टोक आ-जा रहे थे लेकिन पिछले 40 दिनों के ईरान-अमेरिका युद्ध ने इस अहम वैश्विक समुद्री मार्ग की स्थितियां बदल दी हैं। ईरान जिस जहाज को गुजरने की इजाजत दे रहा है, वही जहाज वहां से गुजर पा रहे हैं। इस वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की भारी किल्लत हुई है और इसके दाम तेजी से चढ़े हैं। पाकिस्तान जैसे देशों में तो लॉकडाउन जैसी स्थितियां हैं।

भड़के ईरान ने फिर सुरंगें बिछानी शुरू कीं

उधर, सीजफायर के बावजूद लेबनान पर इजरायली हमलों से ईरान भड़क उठा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग में सुरंगे बिछाने की चेतावनी दी है। ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने बृहस्पतिवार को एक 'चार्ट' प्रकाशित किया जिससे संकेत मिला कि देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान होर्मुज जस्ट्रेट में समुद्री सुरंगें बिछाई हैं। इसे ऐसे संदेश के तौर पर देखा जा रहा है जिसका मकसद अमेरिका पर दबाव बनाना है। यह चार्ट ऐसे समय में प्रकाशित हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के साथ हुए दो सप्ताह के युद्ध विराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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ईरान ने जारी किया चार्ट

होर्मुज स्ट्रेट का यह चार्ट आईएसएनए और तस्नीम समाचार एजेंसी ने जारी किया जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड का करीबी माना जाता है। चार्ट में पोतों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मार्ग 'ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम' पर फारसी भाषा में ''खतरे का क्षेत्र'' अंकित करते हुए एक बड़ा घेरा दिखाया गया है। इसी क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। चार्ट के अनुसार, पोतों को लारक द्वीप के निकट ईरान की मुख्यभूमि के करीब उत्तरी मार्ग से गुजरने का सुझाव दिया गया जिसका युद्ध के दौरान कुछ पोतों ने पालन भी किया था।