Can Strait of Hormuz Dominance End World Seeking Alternatives after US Iran War खत्म हो सकता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वर्चस्व? विकल्प ढूंढ रही पूरी दुनिया, पर क्यों नहीं आसान काम, International Hindi News - Hindustan
More

खत्म हो सकता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वर्चस्व? विकल्प ढूंढ रही पूरी दुनिया, पर क्यों नहीं आसान काम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्गों में से एक है। युद्ध से पहले दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा इस रास्ते से गुजरता था। ईरान ने यहां से जहाजों की आवाजाही ठप कर दी है।

Thu, 9 April 2026 03:21 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
share
खत्म हो सकता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वर्चस्व? विकल्प ढूंढ रही पूरी दुनिया, पर क्यों नहीं आसान काम

Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग के बाद से ही चर्चा में है। फारस की खाड़ी में स्थित यह जलमार्ग दुनिया के कई देशों के लिए ईंधन आपूर्ति का लाइफलाइन माना जाता है। हालांकि फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ही यहां से जहाजों की आवाजाही ठप है। बीते मार्च महीने में इससे कई देशों में ईंधन संकट पैदा हो गया। दूसरी तरफ अब ईरान इस ओर अपनी पकड़ और टाइट करने की तैयारी में है। इससे इस जलमार्ग को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है।

ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी सप्लाई का मुख्य मार्ग है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या नए तेल पाइपलाइन और वैकल्पिक रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विकल्प बन सकते हैं? या आने वाले समय में भी यह संभव नहीं है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की वजह से ईरान का जो प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर है, वह धीरे-धीरे कम हो सकता है। इसमें कहा गया है कि खाड़ी देशों ने पिछले संघर्षों से सीख ली है और अब वैकल्पिक रास्तों पर काम तेज कर दिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:होर्मुज से गुजरने वालों से टोल वसूलने की ईरान की प्लानिंग, क्या कहता है नियम

कई देश जुटे

सऊदी अरब और यूएई पहले ही ऐसे पाइपलाइन बना चुके हैं, जो आंशिक रूप से होर्मुज को बायपास करते हैं। आगे इमरजेंसी पाइपलाइन बनाने की योजना भी है। वहीं कुवैत भी अन्य देशों के साथ मिलकर नए विकल्प तलाश सकता है और इराक तुर्की के रास्ते भूमध्य सागर तक तेल पहुंचाने वाली अपनी पुरानी पाइपलाइन को फिर से शुरू कर सकता है। आर्टिकल में दावा किया गया है कि आने वाले कुछ सालों में खाड़ी क्षेत्र में इतने विकल्प बन सकते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वर्चस्व खत्म हो सकता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:होर्मुज में बारूदी माइन्स का खौफ! ईरान ने बदले जहाजों के रास्ते, नया रूट बताया

हकीकत कुछ और

हालांकि यह दावे कितने सही साबित होंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाइपलाइन बनने के बावजूद इस रास्ते की जरूरत खत्म नहीं होती। समुद्री जहाजों के जरिए जितनी बड़ी मात्रा में तेल और गैस का ट्रांसपोर्ट होता है, उतना पाइपलाइन के जरिए संभव नहीं है। यानी पाइपलाइन विकल्प जरूर देते हैं, लेकिन वे पूरी तरह से इस रास्ते की जगह नहीं ले सकते।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:फिर ठप हुआ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लेबनान पर इजरायली हमले के बाद ईरान का ऐक्शन

जोखिम नहीं होगा कम

इसके अलावा वैकल्पिक रास्ते जोखिम को थोड़ा कम जरूर करते हैं, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं करते। पाइपलाइन की क्षमता सीमित होती है और उन्हें बनाना काफी महंगा भी होता है। इसलिए खाड़ी देशों के लिए यह सिर्फ आंशिक समाधान है, पूरी तरह से नहीं। एक और अहम पहलू यह है कि तेल बाजार सिर्फ वास्तविक सप्लाई पर नहीं, बल्कि जोखिम की आशंका पर भी प्रतिक्रिया देता है। अगर इस इलाके में तनाव बढ़ता है, तो भले ही सप्लाई प्रभावित ना हो, लेकिन तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और शिपिंग में भी देरी हो सकती है। यानी इस रास्ते की रणनीतिक और प्रतीकात्मक अहमियत अभी भी बहुत ज्यादा है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।