I support the government on this issue says Shashi Tharoor on the Rafale deal with France छोटी मोटी दिक्कतें होती रहती हैं, AI समिट पर क्या बोले शशि थरूर, India News in Hindi - Hindustan
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छोटी मोटी दिक्कतें होती रहती हैं, AI समिट पर क्या बोले शशि थरूर

थरूर ने कहा, '...ये शुरुआती कुछ दिन बेहद शानदार रहे हैं। कुछ छोटी-मोटी तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन इतने बड़े आयोजनों में ऐसी चीजें होती रहती हैं। सबसे प्रभावशाली बात यह रही है कि इसमें कई देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और विश्व नेताओं ने हिस्सा लिया है।

Fri, 20 Feb 2026 06:48 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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छोटी मोटी दिक्कतें होती रहती हैं, AI समिट पर क्या बोले शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत और फ्रांस के बीच राफेल डील का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि रक्षा इसलिए जरूरी है, ताकि कोई हमें कमजोर न समझे। साथ ही उन्होंने AI शिखर सम्मेलन की भी जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि जब बड़े आयोजन होते हैं, तो छोटी मोटी दिक्कतें आना आम बात है। उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार को सम्मेलन में भाषण देने वाले हैं।

थरूर ने कहा, '...ये शुरुआती कुछ दिन बेहद शानदार रहे हैं। कुछ छोटी-मोटी तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन इतने बड़े आयोजनों में ऐसी चीजें होती रहती हैं। सबसे प्रभावशाली बात यह रही है कि इसमें कई देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और विश्व नेताओं ने हिस्सा लिया है। वे एक कड़ा संदेश लेकर आए हैं कि वे AI विकास की एक ऐसी नई एकीकृत दुनिया देखना चाहते हैं, जहाँ 'समाज पर प्रभाव' ही मुख्य सिद्धांत हो। भारत ने स्पष्ट रूप से इस क्षेत्र में नेतृत्व किया है।'

उन्होंने कहा, 'जहां तक फ्रांसीसी राफेल (Rafale) का सवाल है, इसके कुछ हिस्सों का निर्माण भारत में किया जा रहा है। यह इस सौदे का एक बहुत अहम पहलू है क्योंकि इससे न केवल हमारी रक्षा प्रणाली मजबूत हो रही है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में हमारी आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है।'

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'भारत के लिए रक्षा इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि हम युद्ध करना चाहते हैं, बल्कि इसलिए है ताकि दूसरे यह न सोचें कि हम इतने कमजोर हैं कि वे हमें युद्ध के लिए उकसा सकें। यह शाब्दिक रूप से एक 'रक्षात्मक सुरक्षा' है, और इस मामले में मैं सरकार का समर्थन करता हूं।'

भारत संग रिश्तों पर क्या बोला फ्रांस

114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का निर्णय लेने के कुछ दिनों बाद, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को कहा कि "मेक इन इंडिया" इस कार्यक्रम का एक "मुख्य" पहलू होगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत के साथ पनडुब्बियों पर सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति 'एआई इम्पैक्ट समिट' के इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "हमारे पास सिर्फ रणनीतिक साझेदारी नहीं है, बल्कि एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है जो भारत और फ्रांस दोनों के लिए अनूठी है।"

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राफेल डील

भारत ने पिछले सप्ताह फ्रांस के साथ सरकार-से-सरकार ढांचे के तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पीटीआई भाषा के अनुसार, मामले से परिचित लोगों के अनुसार, 'मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट' (एमआरएफए) परियोजना के तहत, राफेल निर्माता डसॉल्ट एविएशन द्वारा 18 विमान उड़ान भरने की स्थिति में आपूर्ति किए जाएंगे और शेष विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

जेट विमानों की खरीद का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय वायु सेना के लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या आधिकारिक तौर पर स्वीकृत 42 की संख्या से घटकर 31 रह गई है।

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