कॉकरोच गंदा कीड़ा, बच्चा भी चप्पल से कुचल दे; CJP पर BJP नेता अनिल विज का तंज, एक सलाह भी दी
हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कॉकरोच जनता पार्टी को नई सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को संघर्ष करने का अधिकार है, लेकिन इन्हें अपना नाम बदल लेना चाहिए क्योंकि कॉकरोच बहुत ही गंदा कीड़ा होता है।

Cockroach Janta Party: भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी से शुरू हुआ सोशल मीडिया का 'कॉकरोच अभियान' लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। कल जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद इस पार्टी को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में भाजपा नेता और हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कॉकरोच जनता पार्टी को नाम बदलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच एक गंदा कीड़ा होता है, जिसे एक बच्चा भी कुचल देता है।
राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर हरियाणा मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि उन्हें (CJP) को नाम बदलने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, "कॉकरोच एक बहुत ही गंदे कीड़े का नाम है। इसे छोटा बच्चा भी चप्पल से कुचल देता है।" हालांकि, विज ने लोकतंत्र में आंदोलन के अधिकार को भी स्वीकार किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है लेकिन नाम अच्छा होना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि संघर्ष करो, यह प्रजातंत्र है सभी को यहां अधिकार है, लेकिन नाम बदल दो।"
क्या है मामला?
बता दें, यह पूरा मामला जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद अमेरिका में रहने वाले अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी नामक एक व्यंग्य शुरू कर दिया। देखते ही देखते इसके फॉलोअर्स करोड़ों में हो गए। इसके बाद अभिजीत दिपके ने भारत आकर सरकार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया। तारीख चुनी गई 6 जून।
इन तमाम बातों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से इजाजत नहीं ली गई। इसके बारे में जब पार्टी प्रवक्ताओं से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभिजित दिपके 6 जून को आकर ही इजाजत मांगेंगे। भाजपा समर्थकों का कहना था कि कॉकरोच पार्टी चाहती थी कि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति न मिले, जिससे वह सरकार के ऊपर हमला बोल सकें। 6 जून की सुबह अभिजित दिपके नई दिल्ली पहुंचे। यहां से उन्हें सीधे पुलिस स्टेशन ले जाया गया। दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें प्रदर्शन की इजाजत दे दी। इसके बाद वह अपने समर्थकों से साथ सीधे जंतर-मंतर पहुंचे। यहां पर हजार की संख्या में लोग उनके साथ प्रदर्शन करने पहुंचे। इसके बाद दिपके ने शाम पांच बजे तक शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, लेकिन सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। देखते ही देखते शाम का समय हो गया और प्रदर्शन खत्म हो गया। इसके बाद अभिजित दिपके ने सरकार को सात दिन का समय देते हुए कहा कि या तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या फिर उनका यह आंदोलन पूरे देश में शुरू हो जाएगा।




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