लाल बत्ती पर रुका CM का काफिला, शुभेंदु अधिकारी ने लगाई वीआईपी कल्चर पर लगाम
आमतौर पर किसी मंत्री या मुख्यमंत्री का काफिला रेड सिग्नल पर नहीं रुकता। वीवीआईपी के आने के पहले ही रास्ता खाली करा लिया जाता है। लेकिन पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस दिशा में सार्थक पहल कर रहे हैं।

आमतौर पर किसी मंत्री या मुख्यमंत्री का काफिला रेड सिग्नल पर नहीं रुकता। वीवीआईपी के आने के पहले ही रास्ता खाली करा लिया जाता है। लेकिन पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस दिशा में सार्थक पहल कर रहे हैं। शनिवार सुबह, मुख्यमंत्री का काफिला एक ऐसे सिग्नल पर रुका, जो रेड था। लेकिन गाड़ियों ने हूटर या सायरन नहीं बजाया, बल्कि सिग्नल के ग्रीन होने का इंतजार किया। इसके बाद ही, मुख्यमंत्री का काफिला वहां से आगे बढ़ा।
ट्रैफिक लाइट ग्रीन होने का इंतजार
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी इस वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए पुलिस को निर्देश दे चुके हैं। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु सड़क पर भी अपने निर्देश को अमल में लाते दिख रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री चिनार पार्क के घर से सियालदह के रोजगार मेले में जाने वाले थे। रास्ते में पड़ने वाले हल्दीराम मोड पर वीआईपी रोड का सिग्नल रेड था। इस दौरान अन्य गाड़ियों की तरह उसी सिग्नल पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का काफिला भी वहीं, रुक गया। लेकिन पुलिस की पायलट कार ने एक बार भी सायरन नहीं बजाया। करीब एक मिनट प्रतीक्षा करने के बाद सिग्नल हरा होने पर ही मुख्यमंत्री का काफिला आगे बढ़ा।
निर्देश पर खुद किया अमल
जानकारी के मुताबिक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते ही शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया था कि पुराने नियम अब नहीं चलेंगे। उन्होंने यह निर्देश भी दिया था कि मुख्यमंत्री के काफिले को भी ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना होगा। अब उन्होंने सड़क पर इसे लागू करके एक नजीर कायम की है। अभी तक इस वीआईपी रोड पर मुख्यमंत्री की गाड़ी, ट्रैफिक नियमों की परवाह करते हुए निकल जाया करती थी।
लगातार जनहित पर जोर
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी लगातार जनहित के कदम उठा रहे हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार को राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए चालू वित्त वर्ष में केंद्र से लगभग 3,000 करोड़ रुपए मिलने की मंजूरी मिली है। इसमें से 500 करोड़ रुपए पहले ही हस्तांतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहाकि केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड राज्य के लाभार्थियों को इस साल जुलाई से वितरित किए जाने की संभावना है।




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