DK Shivakumar not even CM Congress MLAs Demanded 3 Ministerial Posts Write to Kharge सीएम बने नहीं डीके शिवकुमार, इधर कांग्रेस विधायकों ने मांग लिए 3 मंत्री पद; खरगे को लिखा पत्र, India News in Hindi - Hindustan
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सीएम बने नहीं डीके शिवकुमार, इधर कांग्रेस विधायकों ने मांग लिए 3 मंत्री पद; खरगे को लिखा पत्र

कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे और डीके शिवकुमार के नए सीएम बनने की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। कोलार के 7 कांग्रेस नेताओं ने खरगे से 3 मंत्री पदों की मांग की है, वहीं जारकीहोली को लेकर भी अटकलें तेज हैं।

Fri, 29 May 2026 01:36 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
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सीएम बने नहीं डीके शिवकुमार, इधर कांग्रेस विधायकों ने मांग लिए 3 मंत्री पद; खरगे को लिखा पत्र

कर्नाटक में एक बड़े सियासी बदलाव का दौर जारी है। मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे और डीके शिवकुमार के नया सीएम बनने की प्रबल संभावनाओं के बीच, अब नई कैबिनेट में जगह बनाने की होड़ शुरू हो गई है। शुक्रवार को कर्नाटक के कोलार जिले के सात कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने पुरजोर मांग की है कि कोलार जिले के नेताओं को नई कैबिनेट में कम से कम तीन मंत्री पद दिए जाएं।

किन विधायकों के लिए मांगा गया मंत्री पद?

नेताओं ने खड़गे को लिखे पत्र में साफ तौर पर इन विधायकों को मंत्री बनाने की पैरवी की है।

एसएन नारायणस्वामी: बंगारपेट के विधायक नारायणस्वामी के लिए 'दलित' कोटे के तहत मंत्री पद की मांग की गई है।

नन्जेगौड़ा और मंजूनाथ: मालूर के विधायक नन्जेगौड़ा और कोलार के विधायक मंजूनाथ के लिए सामान्य कोटे से कैबिनेट में जगह की मांग की गई है।

पत्र सौंपने वाले सात नेता कौन हैं?

मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र सौंपने वाले इन सात नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

तीन विधायक: एसएन नारायणस्वामी, केवाई नन्जेगौड़ा और कोथुर जी मंजूनाथ।

दो एमएलसी (विधान पार्षद): नसीर अहमद और अनिल कुमार।

अन्य प्रमुख नेता: वी आदिनारायण (जो 2023 के विधानसभा चुनाव में मुलबगल सीट से चुनाव हार गए थे) और के चंद्र रेड्डी (कोलार जिले के पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) अध्यक्ष)।

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सिद्धारमैया का इस्तीफा और केयरटेकर सीएम की भूमिका

कोलार के नेताओं की यह मांग ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक एक अहम नेतृत्व परिवर्तन से गुजर रहा है। एक दिन पहले ही सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस पद को संभालने की पूरी संभावना है।

शुक्रवार को ही राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया और उनकी अगुवाई वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, सिद्धारमैया कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे।

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सतीश जारकीहोली को लेकर अटकलें तेज

सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश जारकीहोली को लेकर भी नए मंत्रिमंडल में कयासों का बाजार गर्म हो गया है। दरअसल, उनके दफ्तर के बाहर लगी नेमप्लेट को कागज से ढक दिया गया है और उनके सरकारी वाहन पर भी कर्नाटक सरकार का प्रतीक चिह्न नहीं देखा गया।

इस घटनाक्रम के बाद से ये अटकलें तेज हो गई हैं कि नई सरकार में जो चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, जारकीहोली उनमें से एक हो सकते हैं या फिर उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

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'भगवान वरदान या श्राप नहीं, अवसर देता है'

इस बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने निवर्तमान सीएम सिद्धारमैया की जमकर तारीफ की है। शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि वह निवर्तमान सीएम के सफर को "लचीलेपन, दृढ़ता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता" के रूप में याद करते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शिवकुमार ने लिखा, "भगवान वरदान या श्राप नहीं देता। वह केवल अवसर देता है। असल बात यह है कि हम उन अवसरों का उपयोग कैसे करते हैं। श्री सिद्धारमैया जी का जीवन इस विचार का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। मैसूरु के एक साधारण से गांव से लेकर मुख्यमंत्री के रूप में कर्नाटक का नेतृत्व करने तक की उनकी यात्रा, दृढ़ता और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है।"