क्या पाकिस्तान के मीडिएटर बनने पर भारत ने जताई थी चिंता, मार्को रुबियो ने दिया जवाब
रुबियो ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति कोई गलत समझौता नहीं करेंगे। हम देखेंगे कि आगे क्या होता है। कूटनीति को सफल होने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

अमेरिका और ईरान युद्ध कब तक थमेगा? यह साफ नहीं हो सका है। इसी बीच सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान की मध्यस्थ की भूमिका पर खुलकर बात की है। साथ ही बताया है कि इस मुद्दे पर भारत ने आपत्ति जताई थी या नहीं। पाकिस्तान की तरफ से युद्ध खत्म कराने की पेशकश की गई है, लेकिन अब तक अमेरिका और ईरान में ठोस सहमति नहीं बन सकी है।
भारत आए रुबियो से पूछा गया कि क्या भारत ने अमेरिका और ईरान के विवाद में पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने पर कोई चिंता जताई है।
इसपर उन्होंने कहा, 'जाहिर है वे हमेशा चिंतित रहते हैं। भारत हमेशा इस बात की तरफ इशारा करता है कि पाकिस्तानी जमीन से ऐसे हथियारबंद आतंकवादी संगठन काम कर रहे हैं जो भारत को निशाना बनाते हैं। वे इसे लेकर हमेशा फिक्रमंद रहते हैं। लेकिन जहां तक ईरान के मामले में पाकिस्तान के मध्यस्थ या मददगार बनने की भूमिका का सवाल है, तो यह बात बातचीत में कभी आई ही नहीं। मुझे नहीं लगता कि भारत को इससे कोई दिक्कत होगी। मेरा मतलब है कि पाकिस्तान के साथ भारत का मुद्दा अलग है।'
ईरान के साथ समझौते की संभावनाएं
एजेंसी वार्ता के अनुसार, रुबियो ने कहा है कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अब भी बनी हुई है और इस दिशा में एक 'काफी मजबूत' प्रस्ताव वार्ता मेज पर रखा गया है। रुबियो ने भारत यात्रा के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रस्ताव में ईरान की ओर से होर्मुज को खोलने और परमाणु मुद्दों पर वास्तविक, महत्वपूर्ण और समयबद्ध वार्ता में शामिल होने की बात शामिल है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति कोई गलत समझौता नहीं करेंगे। हम देखेंगे कि आगे क्या होता है। कूटनीति को सफल होने का पूरा अवसर दिया जाएगा, उसके बाद ही अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।'
क्यों हो रही है देरी
समझौते में देरी के संबंध में पूछे जाने पर रुबियो ने कहा कि अब सब कुछ ईरान की प्रतिक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि ईरानी व्यवस्था को जवाब देने में थोड़ा अधिक समय लगता है। उन्होंने दोहराया, 'राष्ट्रपति खराब समझौता नहीं करेंगे। या तो अच्छा समझौता होगा, या फिर हमें इस मुद्दे से किसी अन्य तरीके से निपटना पड़ेगा। हालांकि हमारी प्राथमिकता अच्छा समझौता ही है।'
ताजमहल पहुंचे
रूबियो सोमवार को अपनी पत्नी के साथ ताजमहल का दीदार करने आगरा पहुंचे। वह सुबह करीब 10 बजे विशेष विमान से खेरिया हवाई अड्डा पहुंचे। इसके बाद वह कार से ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित होटल गए। वहां से गोल्फ कार्ट में सवार होकर रूबियो और उनकी पत्नी ताजमहल पहुंचे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने करीब एक घंटे तक ताजमहल में समय बिताया और फोटो निकलवाईं। सुरक्षा कारणों से ताजमहल परिसर को खाली करा लिया गया था। पहले से मौजूद पर्यटकों को सुरक्षाकर्मियों ने बाहर निकाल दिया।




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