India-US ties go beyond mere partnership Marco Rubio tells Jaishankar mentions terrorism as well आतंक के मुद्दे पर भारत को मिला US का साथ, जयशंकर और रुबियो की बैठक से पाक को मैसेज, India News in Hindi - Hindustan
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आतंक के मुद्दे पर भारत को मिला US का साथ, जयशंकर और रुबियो की बैठक से पाक को मैसेज

अपनी भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान से जुड़ी कूटनीतिक कोशिशों पर संवाददाताओं से बात की। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का रुख साफ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

Sun, 24 May 2026 01:14 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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आतंक के मुद्दे पर भारत को मिला US का साथ, जयशंकर और रुबियो की बैठक से पाक को मैसेज

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच शनिवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी बताते हुए रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में मार्को रुबियो की यह पहली भारत यात्रा है। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद और मिडिल के मौजूदा संकट सहित कई वैश्विक मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के बीच सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "भारत और अमेरिका के हित समान हैं, लेकिन चुनौतियां भी साझा हैं। इनमें सबसे बड़ी साझा चुनौती आतंकवाद है। इस मामले में हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। हम इस क्षेत्र में दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग की सराहना करते हैं।"

भू-राजनीतिक तनाव के बीच दोनों नेताओं की बातचीत का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया (मिस्र, इजरायल आदि) और खाड़ी देशों के घटनाक्रमों पर केंद्रित रहा। जयशंकर ने संकेत दिया कि दोनों पक्षों ने दूतावास में पश्चिम एशिया के परिप्रेक्ष्य पर चर्चा की और दोपहर के भोजन के दौरान खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर विस्तार से बात की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के बीच पर्दे के पीछे बड़ी कूटनीतिक हलचल चल रही है।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर रुबियो का बड़ा बयान

अपनी भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान से जुड़ी कूटनीतिक कोशिशों पर संवाददाताओं से बात की। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का रुख साफ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कैसे संकेत

रुबियो ने खुलासा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और आने वाले दिनों में कुछ बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल या टैक्स के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खुला रहना चाहिए।

दोनों देशों ने माना कि भारत-अमेरिका के संबंध अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। एस. जयशंकर ने कहा, "हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का सीधा सा मतलब यह है कि हमारा सहयोग बेहद गहरा और व्यापक है। यह एक ऐसा रिश्ता है जो दुनिया के अन्य क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है। कई मुद्दों पर हमारे हित एक जैसे हैं। भले ही यह दौर जटिलताओं से भरा है, लेकिन मजबूत साझेदार के रूप में मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी चर्चाएं बेहद उपयोगी रहेंगी।"

मार्को रुबियो ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक बताया। उन्होंने कहा, "अमेरिका और भारत केवल सहयोगी नहीं हैं। हम रणनीतिक सहयोगी हैं और यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संबंधों को फिर से शुरू करने या जीवित करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह उस चीज को और आगे बढ़ाने के बारे में है जो पहले से ही एक बेहद ठोस और मजबूत रणनीतिक साझेदारी के रूप में मौजूद है।"