Delhi University Campus UGC Protest Ruchi Tiwari mistreated by caste of a female journalist UGC समर्थक प्रदर्शन में बदसलूकी की शिकार, कौन हैं महिला पत्रकार रुचि तिवारी; पूरा मामला, India News in Hindi - Hindustan
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UGC समर्थक प्रदर्शन में बदसलूकी की शिकार, कौन हैं महिला पत्रकार रुचि तिवारी; पूरा मामला

यूजीसी समर्थक प्रोटेस्ट में महिला यूट्यूबर रुचि तिवारी के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रोटेस्ट कवर करने के दौरान उनकी जाति पूछी गई और फिर उनके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान वहां मौजूद लड़कियों ने नेकेड परेड की भी धमकी दी।

Sat, 14 Feb 2026 04:22 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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UGC समर्थक प्रदर्शन में बदसलूकी की शिकार, कौन हैं महिला पत्रकार रुचि तिवारी; पूरा मामला

Delhi University UGC Ruchi Tiwari: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन्स के ऊपर भले ही सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, लेकिन इन गाइडलाइन्स ने यूनिवर्सिटी कैंपस में बवाल मचा रखा है। शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में इन गाइडलाइन्स के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लेफ्ट विंग के छात्र संगठनों में एक सवर्ण महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की गई। इसके बाद वहां पर हिंसक झड़प शुरू हो गई। इस घटना के बाद एबीवीपी और लेफ्ट छात्र आमने-सामने आ गए देर रात तक यूनिवर्सिटी कैंपस से लेकर मॉरिस नगर पुलिस थाने के बाहर तर नारेबाजी और धक्के-मुक्की का दौर चलता रहा। सैकड़ों की संख्या में छात्र और छात्रा थाने के बाहर जाकर महिला पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते नजर आए।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया साइट पर भी दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने दावे किया। दोनों ही पक्षों ने वीडियो शेयर करके एक-दूसरे को गलत दिखाने की कोशिश की। महिला पत्रकार, जिसके साथ बदसलूकी की गई है। उसने दावा किया कि लेफ्ट विंग के छात्रों ने उसके साथ इसलिए मारपीट की क्योंकि वह ब्राह्मण थी। उसने वीडियो शेयर करके दावा किया कि उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई और उसे बाल पकड़कर भी खींचा गया।

कौन हैं रुचि तिवारी, कल की घटना पर क्या दावा?

महिला पत्रकार की पहचान रुचि तिवारी के रूप में हुई है, जो कि एक यूट्यूब चैनल के लिए काम करती हैं। इस घटना के बाद उन्होंने स्वयं सामने आकर आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि वह शांति पूर्ण तरीके से इस प्रोटेस्ट को कवर करने के लिए आई थीं, लेकिन कुछ लोगों को उनके सवाल हजम नहीं हुए इसकी वजह से वहां पर मौजूद दूसरे मीडिया वालों ने उनसे उनकी जाति पूछी गई, जब उन्होंने तिवारी बताया तो पंडित और ब्राह्मण बताकर उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी गई। इसके बाद कुछ लड़कियों ने उनके रेप और देख लेने की भी धमकी थी। रुचि ने अपने दावे की मजबूती के लिए घटना के समय के कुछ वीडियो भी साझा किए।

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मीडिया से बात करते हुए रुचि ने कहा, "वीडियो हर जगह सामने है, इसे देखकर लोग खुद इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि किसने किसे भड़काया। मैं एक पत्रकार हूं, वहां पर प्रोटेस्ट कवर करने के लिए गई हुई थी। इसी बीच वहां पर एक मीडिया वाले ने मेरा नाम और जाति पूछी। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद भीड़ को इशारा किया और पूरी भीड़ ने मुझ पर हमला करने की कोशिश की।"

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रुचि ने बताया कि उनको नेकेड परेड और बलात्कार की धमकी भी दी गई है। उन्होंने कहा, "मेरे आस-पास मौजूद लड़कियां, जो मुझे पकड़कर खींच रही थी। उन्होंने मेरे कानों में मुझे रेप की धमकियां दी, क्योंकि मैं ब्राह्मण थी, उनमें से एक ने कहा आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकालेंगे। मेरे आस पास मौजूद लोग मुझे सबक सिखाने की बात कह रहे थे। लड़कियों ने मुझे हाथ और गर्दन से पकड़ा हुआ था। यह एक तरीके से मेरी हत्या की कोशिश थी। मैं वहां पर बेहोश हो गई, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया, यह यूजीसी के गुंड़े थे, यह छात्र नहीं हो सकते। मुझ पर मेरी जाति की वजह से हमला किया गया। इस मामले में हमने एफआईआर दर्ज करवा दी है। मुझे कानून पर पूरा भरोसा है।

एबीवीपी ने लगाए आरोप

दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में महिला पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना पर एबीवीपी के छात्रों ने वहां पहुंच कर अपना विरोध दर्ज कराया। एबीवीपी की तरफ से कहा गया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के आर्ट्स फैकल्टी में शुक्रवार को एक यूट्यूब पत्रकार पर लेफ्ट छात्र संगठन की तरफ से हमला किया गया है। यह घटना लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों के चरित्र को उजागर करती है। यह संगठन देश भर में अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करते हैं, लेकिन अगर कोई इनके विरुद्ध में बात करता है, तो यह उस पर हमला करना शुरू कर देते हैं।

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एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने कहा कि कैंपस के अंदर डफली बजाकर महिला सुरक्षा की बात करने वालों की सच्चाई सामने आ गई है। लोकतंत्र के चौथे पिलर पर किया गया यह हमला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। लेफ्ट विंग पॉलिटिक्स का इतिहास हिंसा को बढ़ावा देने से जुड़ा रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने ऐसी राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया है। ऐसे में न्यूज में बने रहने के लिए यह छात्र संगठन अब मारपीट पर उतर आए हैं।

आईसा क्या बोली?

इस मामले में लेफ्ट विंग के छात्र संगठन आईसा के छात्रों के ऊपर हमला करने का आरोप लगाया जा रहा है। उनकी तरफ से भी इस घटना पर दावा किया गया कि शांति पूर्ण तरीके से चल रहे प्रोटेस्ट में महिला पत्रकार ने आकर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसके बाद कार्यक्रम में विवाद हो गया। आइसा ने एबीवीपी के ऊपर भी आरोप लगाया कि उनके साथियों के साथ एवीबीपी के लोगों ने मारपीट की। मॉरिस नगर थाने में जब उनके साथी मौजूद थे उस वक्त वहां पर कई छात्रों ने नारेबाजी भी की लेकिन पुलिस ने उनका कुछ नहीं किया।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने मॉरिस नगर थाने में जाकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राइट विंग छात्रों का आरोप है कि महिला पत्रकार की पहले जाति पूछी गई और इसके बाद उसके ऊपर हमला किया गया। वहीं, दूसरी तरफ लेफ्ट छात्र संगठनों का आरोप है कि पत्रकार ने उकसाने वाले सवाल किए, इसकी वजह से वहां पर हाथापाई की नौबत आई। हालांकि उन्होंने जाति के आधार पर टिप्पणी करने की बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कथित तौर पर पुलिस ने छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से भी बयान सामने आया है। प्रशासन ने कैंपस में हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस की तरफ से भी इस मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की गई है।

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