Defence minister Rajnath Singh calls for Indian maritime leadership after Iranian frigate IRIS Dena attacked भारत की जिम्मेदारी है कि… हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद रक्षा मंत्री का बड़ा बयान, India News in Hindi - Hindustan
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भारत की जिम्मेदारी है कि… हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

ईरानी युद्धपोत 'IRIS DENA' भारत की मेजबानी में आयोजित 'मिलन' बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था। अमेरिकी हमले में इस पर सवार कम से कम 87 ईरानी सैन्यकर्मी मारे गए।

Fri, 6 March 2026 03:03 PMJagriti Kumari भाषा, कोलकाता
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भारत की जिम्मेदारी है कि… हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के एक दिन भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का जिक्र करते हुए शुक्रवार को कहा है कि बदलती भू-राजनीति के इस दौर में महासागर एक बार फिर दुनिया के शक्ति संतुलन के केंद्र में आ गए हैं और भारत की जिम्मेदारी है कि वह आत्मविश्वास और क्षमता के साथ नेतृत्व प्रदान करे।

राजनाथ सिंह ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम 'बेहद असामान्य' हैं और क्षेत्र की स्थिति का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ''पश्चिम एशिया में जो हो रहा है, वह बेहद असामान्य है। इस समय इस पर कोई ठोस टिप्पणी करना कठिन है कि पश्चिम एशिया में परिस्थितियां आगे किस दिशा में जाएंगी।''

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वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा असर- राजनाथ

रक्षा मंत्री ने आगे कहा, “अगर हम होर्मुज जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी के पूरे क्षेत्र को देखें तो यह दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जब इस क्षेत्र में अशांति या व्यवधान होता है तो इसका सीधा असर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ता है।'' उन्होंने कहा, ''आज हम केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी आपूर्ति शृंखला में व्यवधान देख रहे हैं। इन अनिश्चितताओं का सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर पड़ता है।''

'नेतृत्व प्रदान करना भारत की जिम्मेदारी'

राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा स्थिति ने महासागरों के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। उन्होंने कहा, ''बदलती वैश्विक भू-राजनीति के इस दौर में महासागर एक बार फिर दुनिया के शक्ति संतुलन के केंद्र में आ गए हैं। ऐसे समय में एक प्रमुख समुद्री राष्ट्र के रूप में भारत की जिम्मेदारी है कि वह आत्मविश्वास, क्षमता और स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ नेतृत्व प्रदान करे।''

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अमेरिका ने डुबोया ईरानी पोत

हालांकि रक्षा मंत्री ने इस दौरान श्रीलंका के तट के पास अमेरिका द्वारा एक ईरानी युद्धपोत को डुबोए जाने की घटना का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई जिक्र नहीं किया। गौरतलब है कि ईरानी युद्धपोत 'IRIS DENA' भारत की मेजबानी में आयोजित 'मिलन' बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था। इस हमले में कम से कम 87 ईरानी सैन्यकर्मी मारे गए।

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जंग खत्म होने के आसार नहीं

इससे पहले बीते 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए, जिसके बाद पश्चिम एशिया में भयावह युद्ध छिड़ गया है। हमले के बाद ईरान ने इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन तथा सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए। पिछले छह दिनों से यह संघर्ष जारी है जहां अब तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है।

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