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NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 'तमिलनाडु का मोदी' क्यों कहते हैं?

राधाकृष्णन के बारे में एक रोचक बात यह भी है कि उन्हें 'तमिलनाडु का मोदी' भी कहा जाता है। उनके संगठनात्मक कौशल के चलते यह नाम दिया गया। वे साल 2004 से 2007 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहे और पार्टी को मजबूत किया।

Sun, 17 Aug 2025 11:21 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 'तमिलनाडु का मोदी' क्यों कहते हैं?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। राधाकृष्णन दिग्गज बीजेपी नेता रहे हैं और दक्षिण भारत में तमिलनाडु से आते हैं। उनका जन्म तमिलनाडु के तिरुप्पुर में 20 अक्टूबर 1957 को हुआ। अपने सियासी करियर की शुरुआत आरएसएस और जनसंघ से की और फिर 90 के दशक में बीजेपी की ओर से दो बार लोकसभा सांसद भी रहे। बाद में उन्हें महाराष्ट्र, झारखंड, पुडुचेरी, तेलंगाना जैसे राज्यों का राज्यपाल भी नियुक्त किया गया।

राधाकृष्णन के बारे में एक रोचक बात यह भी है कि उन्हें 'तमिलनाडु का मोदी' भी कहा जाता है। उनके संगठनात्मक कौशल के चलते यह नाम दिया गया। इसके साथ ही, जैसे पीएम मोदी ने गुजरात में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, उसी तरह राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत किया। वे साल 2004 से 2007 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहे और न सिर्फ तमिलनाडु में बल्कि अन्य दक्षिण भारत के राज्यों में भी पार्टी की मौजूदगी बेहतर की। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विश्वासपात्र माना जाता रहा है। जैसे पीएम मोदी का आरएसएस और जनसंघ से काफी जुड़ाव रहा, उसी तरह राधाकृष्णन भी महज 16 साल की उम्र मे ही संघ से जुड़ गए थे और जनसंघ और फिर बाद में बीजेपी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहे।

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तमिलनाडु में निकाली रथ यात्रा

शुरुआत में बीजेपी को महज उत्तर भारत की पार्टी माना जाता था, दक्षिण, पूर्वोत्तर के राज्यों में बीजेपी की स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में पार्टी के जी-तोड़ मेहनत की और तमिलनाडु में पार्टी को मजबूती दिलाने के लिए 93 दिनों की रथ यात्रा निकाली। यात्रा भारत की नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खिलाफ अभियान समेत तमाम मुद्दों पर केंद्रित रही। इस दौरान उन्होंने सभी तमिलनाडु के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया, जिससे पार्टी की भी स्थिति बेहतर हुई। वे साल 1996 में तमिलनाडु बीजेपी के सचिव बने और दो साल बाद 1998 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से राज्य में सबसे ज्यादा वोटों से जीत हासिल करने वाले पहले बीजेपी के सांसद बन गए। इसके बाद अगले ही साल हुए आम चुनाव में फिर से उन्हें कोयंबटूर से ही जीत मिली।

राधाकृष्णन के लिए क्या बोले पीएम मोदी?

एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का कैंडिडेट घोषित किए जाने के बाद पीएम मोदी ने राधाकृष्णन के लिए एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, सीपी राधाकृष्णन ने अपनी लगन, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विभिन्न पदों पर रहते हुए, उन्होंने हमेशा सामुदायिक सेवा और वंचितों के सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर व्यापक कार्य किया है। मुझे खुशी है कि एनडीए परिवार ने उन्हें हमारे गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा, ''सी.पी. राधाकृष्णन जी को सांसद और विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में समृद्ध अनुभव प्राप्त है। उनके संसदीय हस्तक्षेप हमेशा प्रभावशाली रहे। अपने राज्यपालीय कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आम नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया। इन अनुभवों ने सुनिश्चित किया कि उन्हें विधायी और संवैधानिक मामलों का व्यापक ज्ञान है। मुझे विश्वास है कि वे एक प्रेरक उपराष्ट्रपति बनेंगे।''