RSS से जुड़ाव, PM मोदी के भी करीबी; राधाकृष्णन को ही क्यों बनाया गया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार?
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार होंगे।

महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी नीत एनडीए की ओर से उम्मीदवार होंगे। इस बात की जानकारी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दी। पत्रकारों से बात करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि हम चाहते हैं कि अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव सर्वसम्मति से हो और इसके लिए हमने विपक्षी नेताओं से संपर्क किया है। बता दें कि सीपी राधाकृष्णन पीएम मोदी के करीबी हैं, और संघ पृष्ठभूमि होने के कारण आरएसएस का भी समर्थन प्राप्त है।
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आरएसएस और जनसंघ से की। वे 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रहे और 2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। राधाकृष्णन फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल भी रहे। इसके अलावा, मार्च से जुलाई 2024 तक तेलंगाना का अतिरिक्त प्रभार और मार्च से अगस्त 2024 तक पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे हैं।
सीपी राधाकृष्णन के बारे में 5 बड़ी बातें
महाराष्ट्र के राज्यपाल: तमिलनाडु में जन्मे सीपी राधाकृष्णन जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।
झारखंड के भी रहे राज्यपाल: 68 वर्षीय राधाकृष्णन फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे। उन्होंने मार्च से जुलाई 2024 तक तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
राजनीतिक करियर: वरिष्ठ बीजेपी नेता राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद चुने गए और तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि जनसंघ से उन्होंने करियर की शुरुआत की।
पीएम मोदी के भी करीबी: बताया जा रहा है कि सीपी राधाकृष्णन पीएम मोदी के भी बहुत करीबी हैं। दोनों ने कफी समय तक संघ में एक साथ काम भी किया है।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव: तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव के कारण प्रदेश में सियासी हलचल तेज है। बीजेपी ने कुछ दिन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई को पद से हटाया था। संभव है कि राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने से वहां पार्टी को सियासी फायदा हो।
कब होना है चुनाव
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। अगर विपक्ष भी अपने उम्मीदवार की घोषणा करता है तो 9 सितंबर को चुनाव होगा। बता दें कि एनडीए को निर्वाचक मंडल को पूर्ण बहुमत प्राप्त है। मतदान की स्थिति में सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है। निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है, जिसमें एनडीए को कम से कम 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।




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