बकरीद से पहले मियां की असम सीएम हिमंता पर भड़काऊ टिप्पणी, पूर्व विधायक गिरफ्तार
बकरीद से पहले असम में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और पुलिस के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में असम के एक पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

बकरीद से पहले असम में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और पुलिस के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में असम के एक पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि धुबरी जिले के बिलासिपारा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक अली अकबर मियां ने कथित तौर पर एक वीडियो में ये टिप्पणियां कीं। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। मियां को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। ‘पीटीआई-भाषा’ हालांकि स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकती।
वीडियो में क्या कहा
पिछले महीने विधानसभा चुनाव में एआईयूडीएफ के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले मियां को वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुख्यमंत्री को अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए और अधिक समझदारी दिखानी चाहिए। मियां को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। मियां ने कथित तौर पर कहा कि अगर पुलिस निजी तौर पर की जा रही पशु बलि को रोकने की कोशिश करती है, तो लोग वर्दीधारी लोगों पर जानलेवा हमला कर सकते हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर सोशल मीडिया की नियमित जांच के दौरान यह वीडियो सामने आया। उन्होंने कहाकि उन्हें संबंधित दंड प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच के बाद ही पता चलेगा कि मियां ने कथित टिप्पणियां क्यों की थीं।
ईदगाह समितियों की क्या अपील
अली अकबर मियां की यह टिप्पणी राज्य में कई ईदगाह समितियों, जिनमें धुबरी की समिति भी शामिल है, द्वारा मुस्लिम समुदाय से ईद-उल-जुहा के दौरान गायों की कुर्बानी न करने की अपील करने की पृष्ठभूमि में आई है। इस पहल की सराहना करते हुए सरमा ने कहाकि इस तरह के स्वैच्छिक कार्य असम में सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने में बहुत मददगार साबित होंगे। सरमा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहाकि होजाई, धुबरी, बोंगाईगांव, उदारबंद और अन्य स्थानों की कई ईदगाह और कब्रिस्तान समितियों ने बकरीद के दौरान गाय की कुर्बानी से परहेज करने की अपील की है और इसके कानूनी एवं धार्मिक कारण भी बताए हैं।
असम के एक मुख्यमंत्री ने इस पहल को बहुसंख्यक सनातन समुदाय की भावनाओं का सम्मान बताते हुए इसकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहाकि ऐसी स्वैच्छिक पहल असम में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने में बहुत मदद करेंगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अन्य ईदगाह समितियां भी इसी तरह की अपील करेंगी।




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